बलौदाबाजार म समूह के 40 माईलोगन (महिला मन) ल मिलिस धान अउ पैरा आर्ट के ट्रेनिंग
रायपुर, छत्तीसगढ़ (धान के कटोरा) म धान के लुवाई के बाद बचे थोर-बहुत ‘पैरा’ ले बनाए जाय वाला सुग्घर हस्तकला ल पैरा आर्ट कहिथें। एकर जरिए अकारथ पैरा के उपयोग करके महापुरुस अउ देवी-देवता मन के 3D पोट्रेट अउ मूरति-चित्र बनाए जाथे। पर्यावरण बचाय के संग-संग इही हा गांव के कमाई के घलो एक बड़े साधन बनत जात हे। पैरा आर्ट ह अब्बड़ सुघ्घर कला ए, जेमा धीरज, कल्पनाशक्ति अउ बारीक समझ के जरूरत होथे। धीरे-धीरे ए कला के क्रेज ह मनखे मन के बीच म बाढ़त जात हे।
बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के माईलोगन मन के आर्थिक सशक्तिकरण अउ ओमन ल रोजी-रोटी के नवा साधन देवाय के मुड़ ले जिला प्रशासन डहर ले लगातार किसम-किसम के ट्रेनिंग कार्यक्रम के आयोजन करे जात हे। इही कड़ी म बिकासखंड बलौदाबाजार के भीतर ग्राम लाहौद म स्व-सहायता समूह के 40 माईलोगन मन ल धान अउ पैरा (पुआल) आर्ट के खास ट्रेनिंग (प्रशिक्षण) दे गीस।
जिला पंचायत सीईओ ह बांटिन प्रमाण पत्र
ट्रेनिंग कार्यक्रम के बढ़िया ढंग ले पूरा होय म जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ह ट्रेनिंग पाय माईलोगन मन ल प्रमाण पत्र बांटिन। ए बखत ओमन माईलोगन (दीदी मन) डहर ले धान अउ पैरा ले बनाए गे किसम-किसम के सुग्घर अउ मनमोहक कलाकृति मन ल देखिन अउ ओकर हुनर के बड़ तारीफ करत आगू बाढ़े बर ओमन के उत्साह बढ़ाइन।
बिहान टीम के मिहनत ले खेती-किसानी के बाहर कमाई (गैर-कृषि आजीविका) ल बढ़ावा
जिला पंचायत सीईओ बलौदाबाजार-भाटापारा ह बताइन कि जिला पंचायत के बिहान टीम के जुरमिल मिहनत ले क्षेत्र म खेती-किसानी के बाहर आजीविका ल बढ़ावा दे जात हे। इही सोच के संग छत्तीसगढ़ महतारी संकुल संगठन लाहौद म स्व-सहायता समूह के 40 दीदी मन ल ए कला के ट्रेनिंग देवाए गे हे।
ए ट्रेनिंग के मदद ले अब माईलोगन मन अकारथ समझे जाय वाले पैरा अउ धान ले सुग्घर-सुग्घर कलाकृति बनाके अपन ऊपरहा (अतिरिक्त) कमाई कर सकिहीं अउ आर्थिक रूप ले अपन गोड़ म ठाढ़ हो सकिहीं (आत्मनिर्भर बनिहीं)।
