रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ले मयारुक भेंट अउ गोठ-बात करके लवटे छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान लइका अउ गुरुजी मन ह मंगलवार के दिन मुख्यमंत्री निवास कार्यालय म मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ले सौजन्य भेंट करिन। लइका मन ह मुख्यमंत्री के संग म राष्ट्रपति भवन के अपन सुरता रखे के लायक जात्रा अउ राष्ट्रपति महोदया ले मिले भारी मया के अनुभव ला बांटिन।
मुख्यमंत्री साय ह सबो लइका मन ला ए उपलब्धि बर बधाई दीन अउ कहिन कि राष्ट्रपति भवन म छत्तीसगढ़ के प्रतिभा अउ लोक संस्कृति के अगुवाई करना पूरा परदेस बर भारी गरब के बात ए।
राष्ट्रपति ह स्पेशल चाइल्ड नुकेश ला बांधिन राखी
राखी के बिसेस मौका म रखाय ए भेंट-मुलाकात के बेरा म एकठन भारी मयारू अउ भावुक पल देखे ला मिलिस, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ह CWSN (बिसेस जरूरत वाले लइका) लइका नुकेश कुमार वर्मा ला अपन हाथ ले राखी बांधिन। राष्ट्रपति महोदया के ए मयारुक व्यवहार ह नुकेश अउ ओकर संग गे दल बर ए बेरा ला जिनगी भर बर सुरता रखे के लायक बना दीस।
सुवा नाच ह मोहिस मन
भेंट के बखत छत्तीसगढ़ के नोनी मन ह पारंपरिक ‘सुवा नाच’ के मनभावन प्रस्तुति दीन। राज्य के समृद्ध लोक संस्कृति अउ परंपरा ले सजे ए प्रस्तुति के राष्ट्रपति महोदया ह भारी तारीफ करिन।
‘सपना मन ला देवव नवा उड़ान’: मुख्यमंत्री साय
लइका मन ले गोठ-बात करत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ह कहिन:
- असीम संभावना: छत्तीसगढ़ के लइका मन म प्रतिभा के कोई कमी नइहे। सही मौका अउ बढ़ावा मिले म ओ मन देस-दुनिया म परदेस के नाव उजयार कर सकत हवयं।
- संस्कृतिच ए पहचान: जब हमर नवा पीढ़ी देस के मंच मन म अपन लोक कला अउ परंपरा ला देखॉथे, त छत्तीसगढ़ी संस्कृति ला नवा ऊरजा अउ चिनहा मिलथे।
- बड़का लछ तय करव: मुख्यमंत्री ह लइका मन ला कहिन कि ओ मन पूरा लगन ले पढ़ाई करयं, जिनगी म बड़का लछ तय करयं अउ राष्ट्रपति महोदया ले मिले बढ़ावा ला प्रेरणा बनाके आगू बढ़यं।
भेंट-मुलाकात म सामिल प्रतिभावान लइका अउ गुरुजी मन
राष्ट्रपति भवन के जात्रा ले लवटे दल म राज्य के अलग-अलग जिला के मेधावी लइका अउ रद्दा देखइया गुरुजी मन सामिल रहिन:
- लइका (पढ़इया मन): राजवती पोयाम (नारायणपुर), हिमांशु ठाकुर (सुकमा), पायल राजानी (दुर्ग), रागनी साहू (महासमुंद), नुकेश कुमार वर्मा (रायपुर), दुर्गेश साहू (महासमुंद) अउ डिगेश सेन (महासमुंद)।
- गुरुजी अउ अधिकारी: डॉ. मुक्ति बैस (राज्य नोडल अधिकारी, समग्र शिक्षा) अउ चंद्रशेखर मिथलेश (व्याख्याता, महासमुंद)।
