हरि ठाकुर स्मारक संस्थान के सहयोग ले स्वर्गीय आशीष ठाकुर के रचे किताब
रायपुर, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह हा आज साँझ इहां शंकर नगर स्थित अपन निवास कार्यालय म ‘सत्याग्रह’ नाम के किताब के विमोचन करिन। हरि ठाकुर स्मारक संस्थान रायपुर छत्तीसगढ़ कोती ले ये कार्यक्रम के आयोजन करे गे रिहिस। ये किताब के लेखक साहित्यकार अउ पत्रकार स्वर्गीय आशीष सिंह हवयं। यह किताब जल-जंगल के संघर्ष ऊपर आधारित हे।
कार्यक्रम के अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा हा करिन। विशिष्ट अतिथि के रूप म राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा, साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा संग, पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू, साहित्यकार, स्वर्गीय आशीष सिंह जी के सुपुत्र उपमन्यु सिंह, अउ अभिमन्यु सिंह मौजूद रहिन।
“जल-जंगल के स्वतंत्रता संग्राम ऊपर आधारित हे किताब”
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह हा पुस्तक के विमोचन करत कहिन कि —
“यह किताब शताब्दी वर्ष छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मन के कोती ले जल-जंगल बर करे गे सत्याग्रह ऊपर आधारित हे। ब्रिटिश शासनकाल के बखत जल-जंगल के अधिकार मन के रक्षा बर हुए संघर्ष ल देखाथे। बस्तर ले लेके राजनांदगांव अउ राजनांदगांव ले लेके धमतरी के कंडेल म नहर सत्याग्रह के घटना ल उजागर करथे।”
ओमन आगे बताइन कि साल 1920 म बाबू छोटे लाल श्रीवास्तव के अरजी म राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ल धमतरी आना परिस। राजनांदगांव जिला के बादराटोला म शहीद रामाधीन गोंड जेखर स्वतंत्रता आंदोलन म बड़ योगदान रिहिस, ओकर नाम म राजनांदगांव शहर म रामाधीन मार्ग हे। डॉ. सिंह हा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी त्यागमूर्ति स्व. प्यारे लाल सिंह अउ स्वर्गीय हरि ठाकुर के योगदान ल सुरता करिन।
राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष के विचार
राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा हा कहिन कि छत्तीसगढ़ म जल-जंगल के संघर्ष के शताब्दी वर्ष के रूप म सत्याग्रह किताब के विमोचन करे जावत हे। स्वर्गीय आशीष सिंह हा ये किताब के जरिया ले स्वतंत्रता संग्राम के आंदोलन के बखत के जल-जंगल के संघर्ष के विस्तार ले वर्णन करे हवयं, जेमा:
- धमतरी के कंडेल नहर सत्याग्रह
- नत्थूजी जगताप अउ नारायण राव मेघावाले के संघर्ष
- राजनांदगांव जिला के शहीद रामाधीन गोंड के बलिदान
- पंडित सुन्दरलाल शर्मा के योगदान के सुघर चित्रण करे गे हे।
ओमन पुस्तक के प्रकाशन बर हरि ठाकुर स्मारक संस्थान ल अपन बधाई अउ सुभकामना दिन।
कार्यक्रम म उपस्थित सियान मन
ये मौका म छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्र, साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष शशांक शर्मा, अउ साहित्यकार विरेन्द्र बहादुर हा घलो अपन-अपन विचार राखिन।
