- पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई के नांव मा पंडवानी कला के छेत्र मा हर बछर राज सम्मान के घोसन
- रहइया गांव गनियारी ला कलाग्राम के रूप मा बिकसित करे जाही
- संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ह पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई के श्रद्धांजलि समारोह के मौका मा करिन घोसन
रायपुर, छत्तीसगढ़ के लोकसंस्कृति ला दुनिया के मंच मा मान बइठवइया पंडवानी के महान साधिका, पद्म विभूषण सुरगीय डॉ. तीजन बाई ला बुधबार के दिन रायपुर मा बने महंत घासीदास संग्रहालय परिसर के मुकताकासी मंच मा रखे गए बड़हन सांगीतिक श्रद्धांजलि समारोह मा भावभरे सरदा-सुमन अरपित करे गीस। लोककला, साहित्य अउ संस्कृति जगत के कतकोन नामी-नामी मानखे मन के हाजिरी मा रखे गए ए गरू-गरब (गरिमय) कार्यक्रम मा सुरगीय तीजन बाई के जिनगी, साधना अउ ओंकर अनोखा सांस्कृतिक योगदान ला भावभरी श्रद्धांजलि दीस।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रेरणा अउ मंशा के मुताबिक रखे गए ए कार्यक्रम मा पर्यटन अउ संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ह सुरगीय डॉ. तीजन बाई के सुरता ला अमर बनाए बर तीन ठन बड़हन घोसन करिन। ओमन घोसन करिन कि पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के नांव मा पंडवानी कला के छेत्र मा हर बछर राज सम्मान (राज्य सम्मान) दिए जाही। ओंकर जनम भुइँया गनियारी गांव ला कलाग्राम के रूप मा बिकसित करे जाही अउ ओंकर मयारू तंबूरा ला रायपुर मा बने महंत घासीदास संग्रहालय परिसर मा सहेज के (संरक्षित) रखे अउ देखाए जाही, जेकर ले आहुइया पीढ़ी ओंकर सांस्कृतिक धरोहर ले सीख ले सकें।
कार्यक्रम मा मंत्री राजेश अग्रवाल ह सुरगीय तीजन बाई के पुत्रवधु वेणु देशमुख ला एक लाख रूपी के सहायता राशि के चेक घलो सौंपिन। ए मौका मा वेणु देशमुख ह श्रद्धांजलि समारोह के आयोजन बर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल अउ संस्कृति बिभाग के धनबाद करत हुए कहिन कि ए सम्मान सिरिफ ओंकर परिवार के नो हे, भलुक पूरा लोककला परम्परा के सम्मान आय।
ए मौका मा मंत्री राजेश अग्रवाल ह कहिन कि अवाज कभू सुन (मौन) नई होवय। ओमन बगत के सीमा ला लांघ के जुग-जुग तक मनखे मन के चेतना मा गूंजत रहिथें। पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के अवाज छत्तीसगढ़ के लोकआत्मा के अमर नाद आय, जो आहुइया पीढ़ी ला अपन संस्कृति, परम्परा अउ लोकगौरव ले सदा दिन जोड़ के रखही। ओमन सिरिफ एक ठन महान लोकगायिका नई रहिन, भलुक छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक पहिचान के जागृत रूप रहिन। राज ला ओंकर ऊपर सदा दिन गरब राही अउ ओंकर अमर लोकधुन मन हमर सांस्कृतिक चेतना मा अनवरत गूंजत रहिहीं। ओमन कहिन कि राज सरकार लोककला मन के रछन अउ संवर्धन बर पूरा संकलप के साथ काम करत हे अउ तीजन बाई के सुरता मा करे गए घोसन ए संकलप के हे बिस्तार आय।
कार्यक्रम के बीच मा मंत्री राजेश अग्रवाल, संस्कृति बिभाग के सचिव एस. भारतीदासन अउ संस्कृति बिभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ह सुरगीय तीजन बाई के जिनगी अउ कला जात्रा के ऊपर बने बिसेस ब्रोशर के विमोचन करिन। सबो पहुना मन ह सुरगीय तीजन बाई के फोटो मा फूल चढ़ाके श्रद्धांजलि दुरहिन। संस्कृति बिभाग डहर ले ओंकर जिनगी ऊपर बने वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) घलो दिखाई गइस, जेला वहां हाजिर मनखे मन ह भावुक होकर देखिन।
सांगीतिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम के सुरुवात लोक कलाकार पुष्पा निषाद के पंडवानी गायन ले होईस। एकर बाद सुरगीय तीजन बाई के चेली मन (शिष्याएं) तरूणा साहू अउ आराध्या साहू अउ दुर्गा साहू ह कापालिक सैली मा असरदार पंडवानी प्रस्तुति देके अपन गुरु ला सरदा-सुमन अरपित करिन। दुष्यंत द्विवेदी ह वेदमती सैली मा पंडवानी गायन करके कार्यक्रम ला अउ जादा भावपूर्ण बना दीस। कलाकार मन के प्रस्तुति ह हाजिर सबो मनखे मन ला भावविभोर कर दीस।
कार्यक्रम मा आए साहित्यकार मन, कलाकार मन अउ संस्कृति मयारू मन ह सुरगीय तीजन बाई ले जुड़े अपन संस्मरण (सुरता) बांटत हुए ओंकर बियक्तित्व अउ कला साधना ला सुरता करिन। कतकोन गोठवइया मन कहिन कि तीजन बाई ह छत्तीसगढ़ के लोकसंस्कृति ला दुनिया के स्तर मा नवा पहिचान दियवाईस। ए मौका मा कलाकार मन ह सुरगीय तीजन बाई ला मरणोपरांत भारत रत्न दिए जाए अउ ओंकर नांव मा पंडवानी अउ सांस्कृतिक बिश्वबिद्यालय के स्थापना करे के मांग घलो राज सरकार के आगू रखिन।
कार्यक्रम मा छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अधेछ प्रभात मिश्रा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अधेछ शशांक शर्मा, छत्तीसगढ़ फिल्म बिकास निगम के अध्यछा मोना सेन, अल्पसंख्यक आयोग के अधेछ अमरजीत छाबड़ा, बीज अउ कइसी (कृषि) बिकास निगम के अधेछ चंद्रहास चंद्रकार, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अधेछ सलीम राज, यूसीसी सदस्य मोहन पवार सहित कतकोन गनमान पहुना मन हाजिर रहिन।
