सखी वन स्टॉप सेंटर दंतेवाड़ा हा परिवार ले कराइस सुरक्षित मिलन
रायपुर, महिला अउ बाल विकास विभाग दुवारा चलाए जात सखी वन स्टॉप सेंटर संकट मा फंसे माईलोगन मन बर भरोसेमंद सहारा बनके आघू आवत हे। दंतेवाड़ा जिला मा एकर एक संवेदनसील उदाहरण देखे बर मिलिस, जिहाँ बिहार के एक महिला ला सुरक्षित आश्रय देके ओकर परिवार ले मिलाए गिस।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिला के रइहइया सविता देवी अपन मइके ले ससुराल जाए बर मोतीपुर स्टेशन ले ट्रेन मा सवार होए रीहिन। यात्रा के बेरा ओ हा सुत गिस अउ कतोक स्टेशन मन ला पार करत हुए छत्तीसगढ़ के किरंदुल (जिला दंतेवाड़ा) पहुँच गिस। उहाँ ले ओ हा पैदल निकल परिस अउ भटकत-भटकत भांसी तक पहुँच गिस।
उहाँ के लोगन मन ओकर हालत ला देख के भांसी थाना मा खबर दीन। पुलिस हा ओला सुरक्षित रूप ले सखी वन स्टॉप सेंटर, दंतेवाड़ा मा अस्थायी आश्रय दिलाइस।
सखी वन स्टॉप सेंटर के टीम हा तुरंत कारवाही करत हुए बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर अउ थाना काटी ले संपर्क करिस। महिला के नाव, पता अउ फोटो भेज के पहचान करे के काम सुरू करे गिस। जाँच के बाद ए बात पक्का हो गिस कि महिला हा मुजफ्फरपुर जिला के ही रइहइया ए।
एकर बाद महिला के परिवार ले संपर्क करे गिस अउ ओमन ला पूरा जानकारी दे गिस। खबर मिलत ले ओकर पति (घरवाला) हा दंतेवाड़ा पहुँचीस अउ सब्बो जरूरी प्रक्रिया मन पूरा होए के बाद महिला ला सुरक्षित ओकर सुपुर्द कर दे गिस।
महिला के पति हा बताइस कि ओकर पत्नी के मानसिक हालत पूरा तरीका ले ठीक नइ हे अउ ओ हा बीते करीब डेढ़ महीना ले लापता रीहिस। परिवार हा ओला कइ जगा मा खोजिस, लेकिन ओकर कोई अता-पता नइ चल पाइस रीहिस। दंतेवाड़ा मा पत्नी ला सुरक्षित देख के ओला बड़े राहत मिलिस।
ओ हा सखी वन स्टॉप सेंटर, दंतेवाड़ा अउ महिला व बाल विकास विभाग के आभार जतावत कहिस कि सही बखत मा मिले मदद हा ओकर परिवार ला फिर ले एक कर दिस।
ए घटना देखावत हे कि सखी वन स्टॉप सेंटर खाली आश्रय देवे तक सीमित नइ हे, बल्कि संकट मा फंसे माईलोगन मन ला सुरक्षा, सलाह, तालमेल अउ परिवार ले पुनर्मिलन जइसन जरूरी सेवा मन ला घलो देवाथय। ए योजना हा माईलोगन मन के सुरक्षा अउ सम्मान के दिहा मा सरकार के संवेदनसील पहल के असरदार उदाहरण ए।
