रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर म प्रदेश म वन्यजीव पर्यटन ल बढ़ावा दे बर दुगो नया सफारी सेवा के सुरुआत करे गीस। वन अउ जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम ले बीजापुर जिला के इंद्रावती टाइगर रिजर्व म पहिली बार जंगल सफारी अउ मुंगेली जिला के अचानकमार टाइगर रिजर्व म केंवची गेट ले बफर सफारी के सुभारंभ करिन। ए अवसर म केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव अउ विधायक धर्मजीत सिंह घलो वर्चुअल माध्यम ले कार्यक्रम म जुड़िन। दुन्नों ठउर म पर्यटक मन बर सफारी के बुकिंग सुरु कर दे गीस हावय। ये नया सुविधा मन ले प्रदेश म पर्यटन ल विस्तार मिलई के संग स्थानीय लोगन मन बर रोजगार अउ आजीविका के नया अवसर विकसित होहिं।
इंद्रावती टाइगर रिजर्व म पहिली बार सुरु होइस जंगल सफारी लंबे समय तक नक्सलवाद अउ सुरक्षा चुनौती मन ले प्रभावित रिहिस बस्तर के इंद्रावती टाइगर रिजर्व म पहिली बार जंगल सफारी सुरु होना पर्यटन के दृस्टि ले महत्वपूर्ण पहल ए। सफारी के प्रवेश द्वार बीजापुर जिला मुख्यालय ले लगभग 60 किलोमीटर दूर उलूर गांव म बनाए गीस हावय। पर्यटक मन बीजापुर ले भोपालपटनम होत हुए उलूर पहुंच सकहिं। इहाँ सफारी बर चार जिप्सी गाड़ी के बेवस्था करे गीस हावय। पर्यटक मन ल प्रशिक्षित गाइड के संग चाय-नाश्ता के सुविधा घलो मिलही। सफारी संचालन के जिम्मेदारी स्थानीय ग्रामीण मन ल सौंपे गीस हावय। एखर बर युवा मन ल कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान म विशेष ट्रेनिंग दे गीस हावय। स्थानीय युवा गाइड अउ गाड़ी चालक के रूप म रोजगार पा सकहिं। एखर छोड़ के होम-स्टे, पारंपरिक खानपान अउ हस्तशिल्प के माध्यम ले ग्रामीण परिवार मन के कमाई बढ़ाए के अवसर घलो तैयार होहिं।
बाघ अउ वन भैंसा समेत वन्यजीव मन के प्राकृतिक वास ए इंद्रावती इंद्रावती टाइगर रिजर्व अपन समृद्ध जैव विविधता अउ प्राकृतिक संपदा बर जाने जाथे। ये इलाका बाघ, छत्तीसगढ़ के राजकीय पशु वन भैंसा अउ गिद्ध समेत कईऊ वन्यजीव मन के प्राकृतिक वास ए। जंगल सफारी सुरु होना ले पर्यटक मन ल बस्तर के घना जंगल, वन्यजीव अउ प्राकृतिक सुंदरता लगीच ले देखे के अवसर मिलही। संगही ए इलाका म पर्यटन गतिविधि मन के विस्तार ले स्थानीय समुदाय मन के आर्थिक भागीदारी बढ़े के संभावना हावय।
अचानकमार म केंवची गेट ले 50 किलोमीटर लंबा बफर सफारी मुंगेली जिला के अचानकमार टाइगर रिजर्व म केंवची गेट ले पहिली बार बफर सफारी सुरु करे गीस हावय। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ले अमरकंटक रद्दा म नेशनल हाइवे-45 स्थित ये गेट के खुले ले पर्यटक मन ल सफारी के नया विकल्प मिलही। एखर से पहिली रिजर्व म शिवतराई गेट ले सफारी संचालित होवत रिहिस। केंवची गेट ले नया सफारी सुरु होने ले अमरकंटक-अचानकमार-रतनपुर पर्यटन सर्किट ल घलो बढ़ावा मिले के उमेद हावय। कुल 914.017 वर्ग किलोमीटर म फैले अचानकमार टाइगर रिजर्व म 626.195 वर्ग किलोमीटर कोर अउ 287.822 वर्ग किलोमीटर बफर क्षेत्र सामिल हावय। इहाँ लगभग 50 किलोमीटर लंबा सफारी रद्दा तैयार करे गीस हावय, जसमा भैरोसांगफाटर, सेमर वॉच टॉवर, कचांदी, जलांगो तिराहा, दरियाबूट पेट्रोलिंग कैंप अउ आमाडोब बैरियर प्रमुख ठउर ए। सफारी बर एक जिप्सी अउ तीन महारानी गाड़ी उपलब्ध रहिहि। जिप्सी के किराया 3,500 रुपिया अउ महारानी गाड़ी के किराया 5,000 रुपिया प्रति राउंड तय करे गीस हावय।
वन्यजीव मन के दीदार के संग पर्यटक मन ल मिलही रुके के सुविधा अचानकमार टाइगर रिजर्व म पर्यटक मन ल बाघ, तेंदुआ, भालू, गौर, चीतल अउ सांभर समेत अलग-अलग वन्यजीव मन ल उनकर प्राकृतिक वास म देखे के अवसर मिलही। एखर छोड़ के सिहावल सागर, माझी डोंगरी वॉच टॉवर अउ जल्दा ग्रासलैंड घलो प्रमुख आकर्षण ए। पर्यटक मन के रुके बर केंवची गेट के कोति पर्यटन विभाग के सोनभद्र रिसॉर्ट अउ निजी रिसॉर्ट उपलब्ध हावय। दुन्नों टाइगर रिजर्व म नया सफारी सेवा के सुरुआत ले होटल, होम-स्टे, परिवहन, गाइड सेवा, खानपान अउ हस्तशिल्प कस क्षेत्र मन म रोजगार के अवसर बढ़िहि। एखर ले प्रदेश के वन्यजीव पर्यटन ल नया पहिचान मिले के संग वन संरक्षण अउ स्थानीय समुदाय मन के आजीविका ल घलो प्रोत्साहन मिलही।
