रायपुर। छत्तीसगढ़ म पर्यावरण, प्रकृति अउ जैव विविधता के संरक्षण ला बढ़ावा दे के उद्देश्य ले 14 ले 16 अगस्त 2026 तक तीन दिनी ‘हरेली बर्ड फेस्टिवल 2026’ के सफल आयोजन करे गीस। वन अउ जलवायु परिवर्तन विभाग के मार्गदर्शन अउ वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व म संपन्न ये अभियान के मुख्य उद्देश्य राज्य के प्राकृतिक धरोहर ला सहेजना, पक्षी संरक्षण ला बढ़ावा देना अउ इको-टूरिज्म के माध्यम ले युवा मन बर रोजगार के नवा अवसर सृजित करना रिहिस।
प्रकृति, संस्कृति अउ नागरिक विज्ञान के संगम
पारंपरिक लोकपर्व ‘हरेली’ के अवसर म आयोजित ये महोत्सव के उद्देश्य सिरिफ पक्षी गणना तक सीमित न होकर ‘नागरिक विज्ञान’ (Citizen Science) के माध्यम ले राज्य के पक्षी विविधता के वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण करना रिहिस। ये पहल ह आम नागरिक, विद्यार्थी अउ प्रकृति प्रेमी मन ला पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करिस।
33 जिला म 45 बर्ड वॉक अउ व्यापक सहभागिता
तीन दिन के दौरान प्रदेश के सब्बो 33 जिला म 1,000 ले ज्यादा प्रतिभागी मन हिस्सा लीन अउ कुल 45 ‘बर्ड वॉक’ आयोजित करे गीस।
- प्रमुख स्थल: कोपरा जलाशय (रामसर साइट), चिच्छा वेटलैंड, बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य, अचानकमार टाइगर रिजर्व अउ नंदनवन जंगल सफारी।
- विशेष आयोजन: नंदनवन जंगल सफारी (नवा रायपुर) म दिव्यांगजन मन बर विशेष ‘बर्ड वॉक’ के आयोजन करे गीस, जिकर म ओमन उत्साहपूर्वक हिस्सा लीन।
211 पक्षी प्रजाति मन के रिकॉर्ड
वैश्विक नागरिक विज्ञान मंच eBird के माध्यम ले एकत्र आंकड़ा के मुताबिक, तीन दिन म कुल 954 चेकलिस्ट दर्ज करे गीस, जिकर म 211 पक्षी प्रजाति मन के दस्तावेजीकरण होइिस।
- देखे गे प्रमुख प्रजाति: पेंटेड स्टॉर्क, रेड-नेप्ड आइबिस, कॉटन पिग्मी-गूज, इंडियन पैराडाइज-फ्लाईकैचर अउ ग्रेटर रैकेट-टेल्ड ड्रोंगो जइसे दुर्लभ अउ महत्वपूर्ण प्रजाति मन दर्ज करे गीस।
जन-आजीविका अउ महिला सशक्तिकरण ले जुड़ाव
अभियान म स्थानीय समुदाय के आर्थिक सहभागिता घलो देखे बर मिलिस। रायपुर जिला के ग्राम पंचायत मांढर स्थित अड़बंधा तालाब म ‘कलश स्वयं सहायता समूह’ के महिला मन डहर ले संचालित ‘फूड कार्ट’ स्थानीय आजीविका अउ पर्यावरण संरक्षण के समन्वय के मिसाल बनिस।
भविष्य के योजना मन
आयोजन ले मिले आंकड़ा के आधार म राज्य सरकार भविष्य म महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि (वेटलैंड्स) मन के नियमित निगरानी करे, ‘पक्षी मित्र’ नेटवर्क के विस्तार करे अउ शैक्षणिक संस्थान मन के माध्यम ले पर्यावरण जागरूकता अभियान ला गति दे के योजना बनावत हे।
