- नक्सल मुक्त गांव मन के प्राकृतिक खेती बनही नवा पहिचान
- एपीडा, कृषि अउ पंचायत विभाग के संग बनीस कारयोजना, बस्तर संभाग म होही बिसेस सरवे अउ जांच
रायपुर, बस्तर संभाग के जैविक सामान (उत्पाद) मन ला देस-बिदेस के बड़े बजार मन तक पहुंचाय बर अउ किसान मन के कमाई ला बढ़ाये बर राज्य सरकार ह एक बड़ कदम उठाए हे। उप मुख्यमंत्री अउ पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ह सुकवार के दिन नवा रायपुर अटल नगर के महानदी भवन (मंत्रालय) म होए एक बड़ बैठक म बस्तर के ओ गांव मन ला चिन्हारी करके ओकर जैविक प्रमाणन (सर्टिफिकेट) कराए के निरदेस दिन् हे, जिहाँ आज तक किसान मन ह कभू रासायनिक खातू (उर्वरक) के परयोग नइ करे हें। ओमन कहिन कि अइसन गांव मन छत्तीसगढ़ के अमूल्य प्राकृतिक संपदा आय अउ एकर जैविक पहिचान ला दुनिया भर म परसिद्ध करे जाना चाही।
बस्तर घूमे के अनुबव ले बनीस नवा योजना
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ह बताइन कि हाल ही म नारायणपुर अउ कांकेर के नक्सल मुक्त होए गांव मन के दौरा (बस्तर प्रवास) के बकत अब्बड़ अकन किसान मन ओला बताइन कि ओमन अपन खेत मन म कभू घलो रासायनिक खातू नइ डारे हें। ओमन कहिन कि अइसन गांव मन ला चिन्ह के राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) ले जोड़े जाए, ताकि ओकर फसल अउ सामान मन के सही तरीका ले जैविक प्रमाणन हो सके अउ ओला देस के बड़े बजार मन के संग-संग यूरोप अउ दूसर बिदेसी बजार मन तक घलो पहुंचाय जा सके।
जैविक प्रमाणन ले किसान मन के कमाई म होही बड़ बढ़ती
शर्मा ह कहिन कि जैविक सर्टिफिकेट मिल जाय के बाद बस्तर के किसान मन ला ओकर फसल अउ सामान के अभी के कीमत ले तीन ले चार गुना जादा दाम मिल सकही। एकर ले किसान मन के आय बाढ़ी, प्राकृतिक खेती ला बढ़ावा मिलही अउ बस्तर के खेती-किसानी ला दुनिया भर म एक नवा पहिचान मिलही।
यूरोपीय बजार मन तक पहुंचाय बर बनही रणनीति
बैठक म बस्तर के जैविक सामान मन ला यूरोप अउ दूसर देस मन के बजार तक पहुंचाय बर राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी), सहभागी गारंटी प्रणाली (पीजीएस) के तहत जरूरी सर्टिफिकेट के परक्रिया ऊपर बिस्तार ले गोठ-बात होइस। उप मुख्यमंत्री ह कहिन कि गुनवत्ता, प्रमाणन अउ बेंचई (विपणन) के जम्मो बुता ला समे म पूरा करे जाए ताकि बस्तर के सामान ह दुनिया के बजार म अपन अलग पहिचान बना सके। एकर बर गांव स्तर म सहकारी समिति मन के गठन करके उत्पादन म सब ला भागीदार बनाय जाही।
बस्तर के जिला मन म जाही संजुक्त दल, होही टेस्टिंग
उप मुख्यमंत्री ह राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के संचालक अश्विनी देवांगन के संग दो थन संजुक्त दल (टीम) बना के नारायणपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर अउ बीजापुर जिला मन के दौरा करे के निरदेस दिन् हे। ओमन कहिन कि ये टीम ह एपीडा अउ कृषि विभाग के अउ अउ अधिकारी मन संग मिलके जैविक इलाका मन के सरवे करही अउ जैविक सामान मन बर जरूरी जांच अउ तकनीकी काम ला पूरा करही। एकर ले जम्मो ग्राम पंचायत मन ला जैविक सर्टिफिकेट देवा के बस्तर के सामान ला बिहान के ‘छत्तीसकला’ ब्रांड के नांव ले बाहिर देस मन म बेंचाय (एक्सपोर्ट) जाही।
जैविक प्रमाणन म मिलही छूट
उप मुख्यमंत्री शर्मा ह एनपीओपी सर्टिफिकेट बर जरूरी तीन साल के समे के सरत ला बस्तर के बिसेस परिस्थिति मन ला देखत हुए छूट देवाय बर केंद्र सरकार ला चिठ्ठी लिखे के निरदेस घलो दिन् हे। एकर अलावा, वनोपज (जंगल के सामान) मन ला सर्टिफिकेट के जरूरत नइ होय के कारन ओला घलो एक्सपोर्ट बर तइयार करे बर कहिन, ताकि बस्तर के मनखे मन ला वनोपज के सही दाम मिल सके।
प्रमाणन संस्था मन के घलो लिय जायही सहयोग
उप मुख्यमंत्री ह जैविक प्रमाणन के काम ला तेजी ले निपटाए बर छत्तीसगढ़ के प्रमाणन संस्था मन के मदद लेवे अउ जम्मो जरूरी प्रशासनिक अउ तकनीकी कदम तुरते उठाए के निरदेस दिन् हे। बैठक म पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, सचिव भीम सिंह, सचिव धर्मेश साहू, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के संचालक अश्विनी देवांगन, एपीडा के अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी अउ अउ कतकोन बड़े अधिकारी मन हाजिर रहिन।
