Arai Tutari अरई तुतारीArai Tutari अरई तुतारी
  • समाचार
  • हमर ख़बर
    हमर ख़बरShow More
    सूक्ष्म सिंचाई योजना ले खेती बनिस जादा फायदा के, ड्रिप सिंचाई अपनाके किसान हा बढ़ाइस भाजी-पाला के पैदावार
    August 2, 2026
    डिजिटल नवाचार ले सुशासन ल मिलत हे नवा रद्दा
    July 23, 2026
    सफलता के कहानी
    July 18, 2026
    हरी खातू ले सुघरत हवय खेत मन के सेहत, कुदरती खेती के मिसाल बनीस किसान नरेंद्र सिंह
    July 6, 2026
    नेपाल म छत्तीसगढ़ के डंका: धमतरी के बेटी नम्रता साहू ह ताइक्वांडो म जितिस ‘गोल्ड मेडल’
    June 28, 2026
  • लेख – आलेख
  • पुरखौती / पर्यटन
    पुरखौती / पर्यटनShow More
    रामगढ़ संस्कृति, इतिहास, साहित्य अउ पर्यटन के अद्भुत संगम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
    June 30, 2026
    भोरमदेव मंदिर: बेजोड़ शिल्पकला अऊ आस्था के जीवंत काब्य
    May 14, 2026
    पथरा में उकेरे इतिहास के जीवंत गाथा: बारसूर के बत्तीसा मंदिर अद्भुत शिल्पकला के पहिचान
    May 7, 2026
    प्रकृति, सांति अउ तिब्बती संस्कृति के अनूठा संगम- मैनपाट
    May 4, 2026
    भटगांव के जेवरा दाई: छःमासी रात के रहस्य, सारंगढ़ ले लड़ाई अउ एक दिन के मेला
    April 5, 2026
  • पुरखा के सुरता
    पुरखा के सुरताShow More
    72वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार म ‘राम-नामी’ ला सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के सम्मान, छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक विरासत ला मिलिस राष्ट्रीय गौरव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
    July 20, 2026
    पथरा में उकेरे इतिहास के जीवंत गाथा: बारसूर के बत्तीसा मंदिर अद्भुत शिल्पकला के पहिचान
    May 7, 2026
    suruj bai khande
    सुरुज बाई खांडे: लोकगाथा भरथरी ल सपुरा देश विदेश म बगरइया हमर पुरखा दाई
    May 7, 2025
    पालेश्वर शर्मा
    पालेश्वर शर्मा जी : 1 मई जनम दिन बिसेस सुरता
    May 7, 2025
    पुरखा के सुरताः श्यामलाल चतुर्वेदी
    श्यामलाल चतुर्वेदी : मंदरस घोरे कस झरय जेकर बानी ले छत्तीसगढ़ी
    April 23, 2023
  • कविता
    कविताShow More
    कहाँ जाबे रे पंथी (कविता)
    June 28, 2026
    निर्दइया बादर (कविता)
    June 28, 2026
    arai tutari kavya
    पावन माघ महिना हे
    February 8, 2026
    आभार सवैया
    July 21, 2024
    arai tutari kavya
    इही म बसे छत्तीसगढ़ महतारी हे
    April 21, 2023
  • कहानी
  • पत्रिका
Reading: लाल किला मैदान ले गूंजिस जनजातीय गौरव के स्वर
Share
Notification Show More
Latest News
रायपुर म रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट के शुभारंभ: CM विष्णु देव साय बोलिन– ‘अब इलाज बर नइ जाना पड़ही राज्य ले बाहर’
समाचार
स्वतंत्रता दिवस समारोह : मुख्यमंत्री साय ह पुलिस परेड ग्राउंड म करिन ध्वजारोहण, परेड के लीन सलामी
समाचार
मुख्यमंत्री ह राज्यपाल रमेन डेका ले करिन सौजन्य भेंट
समाचार
नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ अब शांति, विकास और समृद्धि की नई राह पर
समाचार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ह स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे के जयंती म ओमन ला करिन नमन
समाचार
Aa
Arai Tutari अरई तुतारीArai Tutari अरई तुतारी
Aa
  • समाचार
  • हमर ख़बर
  • लेख – आलेख
  • पुरखौती / पर्यटन
  • पुरखा के सुरता
  • कविता
  • कहानी
  • पत्रिका
  • समाचार
  • हमर ख़बर
  • लेख – आलेख
  • पुरखौती / पर्यटन
  • पुरखा के सुरता
  • कविता
  • कहानी
  • पत्रिका
Have an existing account? Sign In
  • Complaint
  • Advertise
© 2022 Araitutari Media All Rights Reserved.
Arai Tutari अरई तुतारी > Blog > समाचार > लाल किला मैदान ले गूंजिस जनजातीय गौरव के स्वर
समाचार

लाल किला मैदान ले गूंजिस जनजातीय गौरव के स्वर

By Araitutari Editor Published May 24, 2026
Share
SHARE
  • राष्ट्रीय जनजाति सांस्कृतिक समागम मा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कहिन – जनजातीय समाज ह दुनिया ला सिखा सकत हे प्रकृति के संग विकास
  • भगवान बिरसा मुंडा के 150वीं जयंती बछर मा राष्ट्रीय समागम मा देसभर ले जुटे हजारों जनजातीय प्रतिनिधि
  • जनजातीय भाषा, संस्कृति अउ चिनहारी के जतन ऊपर मुख्यमंत्री ह दीन विशेष जोर
  • जनजातीय समाज भारत के सांस्कृतिक आत्मा के सबले पुरना अउ जीवंत सरूप आय – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

नई दिल्ली . देस के राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान मा अतवार के दिन जनजातीय अस्मिता, सांस्कृतिक गौरव अउ सामाजिक चेतना के बड़ संगम देखे ला मिलिस, जब भगवान बिरसा मुंडा के 150वीं जयंती बछर के बिसराम (अवसर) मा आयोजित राष्ट्रीय जनजाति सांस्कृतिक समागम मा देसभर ले हजारों जनजातीय प्रतिनिधि, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता अउ पारंपरिक समुदाय के मनखे मन एक मंच मा जुरिन। जनजाति सुरक्षा मंच अउ जनजाति जागृति समिति कोति ले आयोजित ए भव्य कार्यक्रम मा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप मा उपस्थित रीहिन। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के उपस्थिति ह कार्यक्रम ला विशेष महत्व दीस। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संग छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री केदार कश्यप अउ रामविचार नेताम घलो उपस्थित रीहिन।

कार्यक्रम के जगह मा दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ले सौजन्य भेंट करिन। लाल किला के ऐतिहासिक पीठभूमि, पारंपरिक पहनाव, लोक बाजा मन अउ जनजातीय संस्कृति के अब्बड़ रंग मन ले सजे ए आयोजन ह सिरिफ सांस्कृतिक कार्यक्रम नई रीहिस, बल्कि भारत के मूल सांस्कृतिक चेतना अउ जनजातीय चिनहारी के जतन (संरक्षण) के राष्ट्रीय संदेस बनके आघू आइस।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह कार्यक्रम मा देसभर ले आय जनजातीय समाज के प्रतिनिधि मन अउ मनखे मन ले मयारू मुलाकात करिन अउ अपन भासन मा कहिन कि जनजातीय समाज ह सिरिफ प्रकृति के रक्षक नई हे, बल्कि भारत के सांस्कृतिक आत्मा के सबले पुरना अउ जीवंत सरूप आय। ओमन कहिन कि जुग-जुग ले जल, जंगल अउ जमीन के रक्षा करत जनजातीय समाज ह प्रकृति अउ मानुस जीवन के बीच तालमेल बनाके रखे के काम करे हे। आज जब पूरा दुनिया पर्यावरण संकट अउ असंतुलित विकास के चुनौती मन ले जूझत हे, तब जनजातीय जीवन दरसन ह मनखे जात ला टिकाऊ अउ प्रकृति-सम्मत विकास के रद्दा देखा सकत हे। मुख्यमंत्री ह कहिन कि जनजातीय समाज ह जुग-जुग ले प्रकृति के संग सहअस्तित्व अउ संतुलन के जीवन जीयत आय हे अउ ओकर संस्कृति अउ परंपरा मन भारत के अमूल्य धरोहर आयं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह कहिन कि छत्तीसगढ़ के चिनहारी ओकर समृद्ध जनजातीय संस्कृति ले गहिर जुड़े हे। छत्तीसगढ़ मा लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग जंगले-जंगल हे, जउन सिरिफ प्राकृतिक संपदा के चिनहारी नई हे, बल्कि जनजातीय जीवन, संस्कृति अउ परंपरा के जीवंत अधार घलो आय। ओमन कहिन कि अजादी के अंदोलन ले लेके देस बनाय तक जनजातीय समाज के योगदान अतुलनीय हे। भगवान बिरसा मुंडा अउ छत्तीसगढ़ के अमर शहीद वीर नारायण सिंह जइसन महानायक मन ह अपन संस्कृति, स्वाभिमान अउ अधिकार मन के रक्षा बर संघर्ष, साहस अउ बलिदान के नवा इतिहास रचे हें, जउन नवा पीढ़ी बर प्रेरणा के स्रोत आय।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह कहिन कि ओकर सरकार ह जनजातीय संस्कृति, परंपरा अउ जीवन मूल्य मन के जतन अउ बढ़ावा दे बर लगातार काम करत हे। ओमन बताइन कि ‘आदि परब’, बस्तर पंडुम अउ बस्तर ओलंपिक जइसन आयोजन मन सिरिफ सांस्कृतिक कार्यक्रम नई अंय, बल्कि जनजातीय प्रतिभा, परंपरा, खेलकौशल अउ चिनहारी ला राष्ट्रीय मंच दे के एक बड़ प्रयास आय। ओमन कहिन कि ए आयोजन मन के माध्यम ले जनजातीय समाज के सांस्कृतिक सकति, सामूहिकता अउ प्रतिभा ला नवा चिनहारी मिलत हे अउ नवा पीढ़ी ला अपन जड़ मन ले जुड़े के प्रेरणा घलो मिलत हे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह कहिन कि कोनो भी समाज के संस्कृति ओकर भाषा ले जीवित रहिथे, एकर सेती छत्तीसगढ़ सरकार ह जनजातीय भाषा मन अउ सांस्कृतिक विरासत के जतन ला सबले पहिली प्राथमिकता देवत हे। ओमन बताइन कि गोंडी, हल्बी अउ सादरी जइसन जनजातीय भाषा मन मा लइका मन ला सुराजी (प्रारंभिक) सच्छा (शिक्षा) दे के कोति मा विशेष पहल करे जात हे, ताकि नवा पीढ़ी ह अपन मातृभाषा, सांस्कृतिक जड़ अउ पारंपरिक गियान ले जुड़े रहि सकय। ओमन कहिन कि भाषा ह सिरिफ गोठ-बात के माध्यम नई होय, बल्कि ओहा कोनो समाज के चिनहारी, इतिहास अउ सामूहिक सुरता के अधार घलो होथे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह आघू कहिन कि बस्तर ले सरगुजा तक देवगुड़ी जइसन पारंपरिक आस्था केंद्र मन के जतन अउ विकास के काम बेगी-बेगी करे जात हे। ओमन कहिन कि जनजातीय समाज के आध्यात्मिक अउ सांस्कृतिक विरासत ला सजो के रखना सिरिफ परंपरा ला बचाय के काम नई हे, बल्कि आघू आये वाली पीढ़ी मन ला अपन जड़ मन ले जोड़े अउ ओकर चिनहारी ला मजबूत बनाय के डहर मा एक बड़ प्रयास आय। राज्य सरकार ए डहर मा संवेदनशीलता अउ प्रतिबद्धता के संग काम करत हे।

कार्यक्रम के बखत देस के अलग-अलग राज्य मन ले आय जनजातीय कलाकार मन ह पारंपरिक नाच, लोक संगीत अउ सांस्कृतिक प्रस्तुति मन के माध्यम ले भारत के समृद्ध जनजातीय विरासत के जीवंत झलक देखाइन। लाल किला मैदान ह मांदर, ढोल, पारंपरिक लोकधुन अउ सांस्कृतिक उत्साह ले गूंजत रीहिस। कतकोन किसम के जनजातीय परंपरा मन, रंग मन, पहनाव मन अउ सांस्कृतिक अभिव्यक्ति मन ले सजे ए आयोजन ह देस के विविधता मा एकता अउ सांस्कृतिक समृद्धि के भाव भरय प्रतीक बनके सामने आईस।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह कहिन कि जनजातीय समाज ह सिरिफ पाछू के धरोहर नई हे, बल्कि भारत के भविस के घलो एक बड़ ताकत आय। ओमन कहिन कि जनजातीय समाज के जीवन दरसन, प्रकृति बर संमान, सामुदायिक जीवन के भावना अउ सांस्कृतिक अनुशासन ह आधुनिक विकास मॉडल ला मानुस अउ संतुलित डहर देखा सकत हे। लाल किला मैदान मा आयोजित ए राष्ट्रीय जनजाति सांस्कृतिक समागम ह सिरिफ एक आयोजन बनके च नई रहिस, बल्कि जनजातीय समाज के एकता, स्वाभिमान, सांस्कृतिक पुनर्जागरण अउ प्रकृति-सम्मत विकास के राष्ट्रीय संकलप के बड़ अवाज बनके उघड़िस।

You Might Also Like

रायपुर म रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट के शुभारंभ: CM विष्णु देव साय बोलिन– ‘अब इलाज बर नइ जाना पड़ही राज्य ले बाहर’

स्वतंत्रता दिवस समारोह : मुख्यमंत्री साय ह पुलिस परेड ग्राउंड म करिन ध्वजारोहण, परेड के लीन सलामी

मुख्यमंत्री ह राज्यपाल रमेन डेका ले करिन सौजन्य भेंट

नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ अब शांति, विकास और समृद्धि की नई राह पर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ह स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे के जयंती म ओमन ला करिन नमन

TAGGED: Arai Tutari, Arai Tutari Chhattisgarhi, chhattisgarh, chhattisgarhi
Araitutari Editor May 24, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Email Print
Previous Article माउंट एवरेस्ट विजेता अमिता श्रीवास के स्वास्थ्य लाभ बर राज्य सरकार सजग : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
Next Article हाइवे मा उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ह करिन नेक्स्ट जेन डायल-112 सेवा के अचकचा निरीक्षण
Arai Tutari अरई तुतारीArai Tutari अरई तुतारी

© Araitutari Media All Rights Reserved.

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?