रायपुर, छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक नगरी सिरपुर ल यूनेस्को के विश्व धरोहर के अस्थायी सूची (Tentative List) म शामिल करे गे हे। महासमुंद जिला म महानदी के तीर म स्थित सिरपुर प्राचीन मंदिर मन, बौद्ध विहार मन, दुर्लभ मूर्तिकला अउ स्थापत्य कला बर प्रसिद्ध हे। ये उपलब्धि ले छत्तीसगढ़ के समृद्ध सांस्कृतिक विरासत ल अंतरराष्ट्रीय पहचान दिवाए के दिशा म महत्वपूर्ण कदम बढ़ै हे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व अउ पर्यटन अउ संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन म प्रदेश के ऐतिहासिक धरोहर मन के संरक्षण अउ पर्यटन विकास म जोर दे जावत हे।
प्राचीन काल म श्रीपुर के नाम ले प्रसिद्ध सिरपुर दक्षिण कोसल के राजधानी अउ धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधि मन के प्रमुख केंद्र रिहिस हे। पांडुवंशी शासक महाशिवगुप्त बालार्जुन के शासनकाल म इहाँ मंदिर मन, बौद्ध विहार अउ दूसर स्थापत्य संरचना मन के विकास होईिस। सातवीं शताब्दी म चीनी यात्री ह्वेनसांग ह घलो ये क्षेत्र के यात्रा करिस रिहिस। सिरपुर के विशेषता इहाँ शैव, वैष्णव, बौद्ध अउ जैन परंपरा मन के सहअस्तित्व हे, जऊन एखर ऐतिहासिक धार्मिक सहिष्णुता अउ सांस्कृतिक समन्वय ल दर्शाथे।
सिरपुर के प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर प्राचीन भारतीय ईंट स्थापत्य कला के उत्कृष्ट उदाहरण आय। लगभग सातवीं शताब्दी म निर्मित ये मंदिर के नक्काशी, प्रवेश द्वार अउ कलात्मक संरचना विशेष आकर्षण ह्वे। एखर छोड़ के गंधेश्वर महादेव मंदिर, सुरंग टीला, राम मंदिर, आनंदप्रभु कुटी विहार अउ स्वास्तिक विहार लेखा ऐतिहासिक स्थल सिरपुर के पुरातात्विक महत्ता ल बताथे। इहाँ होइया उत्खनन मन म प्राचीन प्रतिमा, सिक्का, आभूषण, धातु कलाकृति अउ दैनिक जीवन ले जुड़इया अनेक वस्तु मिले हे।
केंद्रीय संस्कृति अउ पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ह 1 जनवरी 2026 ल सिरपुर के ऐतिहासिक स्थल मन के निरीक्षण करिस रिहिस। ये बेरा म उहें ह इहाँ के विरासत के संरक्षण अउ एला यूनेस्को के विश्व धरोहर सूची म शामिल कराए के प्रयास मन ल प्राथमिकता देइ के गोठ कहिस रिहिस। अब अस्थायी सूची म शामिल होए ले सिरपुर के संरक्षण, शोध अउ पर्यटन विकास के संभावना मन ल नवा दिशा मिले के उम्मीद हे।
सिरपुर ल विश्व धरोहर के दर्जा मिले के प्रक्रिया म अभी आगू के चरण पूरा होए बाकी हे। अस्थायी सूची म शामिल होना प्रारंभिक पड़ाव आय, जेकर पाछू विस्तृत नामांकन, संरक्षण प्रबंधन अउ यूनेस्को के निर्धारित मानक मन के अनुरूप मूल्यांकन के प्रक्रिया होथे। भविष्य म अंतरराष्ट्रीय पहचान बढ़ै ले इहाँ देश-विदेश के पर्यटक, इतिहासकार अउ शोधकर्ता मन के आकर्षण बढ़ सकथे। एखर ले स्थानीय रोजगार, पर्यटन सेवा अउ हस्तशिल्प ल घलो प्रोत्साहन मिले के संभावना हे। सिरपुर के प्राचीन विरासत छत्तीसगढ़ के इतिहास, कला अउ सांस्कृतिक विविधता के महत्वपूर्ण पहचान आय।
