Arai Tutari अरई तुतारीArai Tutari अरई तुतारी
  • नवा छत्तीसगढ़
  • हमर ख़बर
    हमर ख़बरShow More
    इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर म सजिहि छत्तीसगढ़ के भव्य पवेलियन
    October 21, 2026
    पुलिस स्मृति दिवस म मुख्यमंत्री साय ह शहीद जवान मन ल दीस श्रद्धांजलि
    October 21, 2026
    छत्तीसगढ़ के पुरातात्विक स्थल म बढ़हीं पर्यटक सुविधा
    October 1, 2026
    सब्बो झन के एक खेवईया, विष्णु भैय्या: महतारी, किसान अउ जुवा मन के संसो करे ले आगे नवा बिहान!
    October 1, 2026
    छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्र मन म आयोग के दौरा: चार जिला के आश्रम-छात्रावास के होवत हावे स्थलीय निरीक्षण
    September 22, 2026
  • लेख – आलेख
  • पुरखौती / पर्यटन
    पुरखौती / पर्यटनShow More
    बस्तर दशहरा: 75 दिन ले चलइया दुनिया के सबले अनूठा लोकपर्व, जिहां दंतेश्वरी माई के होथे जय-जयकार
    October 20, 2026
    अमली के छइहाँ म विराजे मइनका दाई: 300 बछर जुन्ना आस्था, जिहां थमे रिहिस तपसी बाबा के घोड़ा
    October 20, 2026
    चंपारण्य म ₹73.42 करोड़ के महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य स्टैच्यू कॉम्प्लेक्स ल केंद्र के मंजूरी, राष्ट्रीय पर्यटन नक्शा म उभरही छत्तीसगढ़
    September 22, 2026
    भोरमदेव मंदिर: बेजोड़ शिल्पकला अऊ आस्था के जीवंत काब्य
    May 14, 2026
    चंपारण्य : भक्ति, आस्था अउ आध्यात्मिक चेतना के पावन धरती
    May 12, 2026
  • पुरखा के सुरता
    पुरखा के सुरताShow More
    दाऊ मंदराजी ह नाचा ला दिस अलग पहिचान, लोक संस्कृति म उनखर योगदान हमेशा याद रहिही
    September 24, 2026
    लोकरंग पर्व: भरथरी गाथा ले बंधिस समां
    September 6, 2026
    suruj bai khande
    सुरुज बाई खांडे: लोकगाथा भरथरी ल सपुरा देश विदेश म बगरइया हमर पुरखा दाई
    May 7, 2025
    पालेश्वर शर्मा
    पालेश्वर शर्मा जी : 1 मई जनम दिन बिसेस सुरता
    May 7, 2025
    पुरखा के सुरताः श्यामलाल चतुर्वेदी
    श्यामलाल चतुर्वेदी : मंदरस घोरे कस झरय जेकर बानी ले छत्तीसगढ़ी
    April 23, 2023
  • कविता
    कविताShow More
    तँय प्रभु राम जइसन बन
    October 20, 2026
    नवदुर्गा देवी
    October 16, 2026
    मइया पार लगा दे नइया
    October 16, 2026
    कहाँ जाबे रे पंथी (कविता)
    June 28, 2026
    निर्दइया बादर (कविता)
    June 28, 2026
  • कहानी
  • पत्रिका
Reading: अमली के छइहाँ म विराजे मइनका दाई: 300 बछर जुन्ना आस्था, जिहां थमे रिहिस तपसी बाबा के घोड़ा
Share
Notification Show More
Latest News
सिरपुर ल यूनेस्को के अस्थायी सूची म जगह, विश्व धरोहर बने के बढ़िस उम्मीद
नवा छत्तीसगढ़
इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर म सजिहि छत्तीसगढ़ के भव्य पवेलियन
हमर ख़बर
पुलिस स्मृति दिवस म मुख्यमंत्री साय ह शहीद जवान मन ल दीस श्रद्धांजलि
हमर ख़बर
बस्तर दशहरा: 75 दिन ले चलइया दुनिया के सबले अनूठा लोकपर्व, जिहां दंतेश्वरी माई के होथे जय-जयकार
पुरखौती / पर्यटन
तँय प्रभु राम जइसन बन
कविता
Aa
Arai Tutari अरई तुतारीArai Tutari अरई तुतारी
Aa
  • नवा छत्तीसगढ़
  • हमर ख़बर
  • लेख – आलेख
  • पुरखौती / पर्यटन
  • पुरखा के सुरता
  • कविता
  • कहानी
  • पत्रिका
  • नवा छत्तीसगढ़
  • हमर ख़बर
  • लेख – आलेख
  • पुरखौती / पर्यटन
  • पुरखा के सुरता
  • कविता
  • कहानी
  • पत्रिका
Have an existing account? Sign In
  • Complaint
  • Advertise
© 2022 Araitutari Media All Rights Reserved.
Arai Tutari अरई तुतारी > Blog > पुरखौती / पर्यटन > अमली के छइहाँ म विराजे मइनका दाई: 300 बछर जुन्ना आस्था, जिहां थमे रिहिस तपसी बाबा के घोड़ा
पुरखौती / पर्यटन

अमली के छइहाँ म विराजे मइनका दाई: 300 बछर जुन्ना आस्था, जिहां थमे रिहिस तपसी बाबा के घोड़ा

By Araitutari Editor Published October 20, 2026
Share
SHARE

छत्तीसगढ़ के गांव-गांव म ग्रामदेवी के पूजा-पाठ अउ सेवा-अरधना के नेम-धरम जुन्ना जमाना ले चलत आवत हे। इहां देवी-देवता मन के ठउर कोनो बड़े महल-अटारी म नइ, बल्कि जुन्ना रुखराई, प्राकृतिक जघा अउ गांव के सिवाना म बने रहिथे। अइसने एक अगाध लोकआस्था अउ 300 बछर जुन्ना इतिहास ल अपन कोरा म समेटे हे बोड़सरा गांव के ‘मइनका दाई’। गुड़ीपारा के अमली रुख तरी बिराजे दाई के कहिनी आज घलो मनखे मन के हिरदे म रचे-बसे हे।

Contents
कलचुरी काल के इतिहास अउ ‘रानी के आसरा’जब अमली तरी आके रुक गे घोड़ादुख-पीरा हरइया मइनका दाई300 बछर ले इतिहास के साखी बने हे अमली रुख

कलचुरी काल के इतिहास अउ ‘रानी के आसरा’

गांव के सियान मन बताथें कि लगभग 300 बछर पहिली बोड़सरा, रतनपुर के कल्चुरी राजा मन के अधीन रजवाड़ा क्षेत्र के एक प्रमुख बाटा रिहिस। ओ बखत ए गांव ल ‘रानी के आसरा गांव’ के नाव ले जाने जात रिहिस। रतनपुर के सपेटा जमींदार तपसी बाबा अक्सरहा ए गांव म आवत-जात रहंय।

जब अमली तरी आके रुक गे घोड़ा

कहे जाथे कि तपसी बाबा रतनपुर के महामाई दाई के सिद्ध अउ बड़े भगत रहंय। एक बेर के बात आय, जब बाबा अपन घोड़ा म चढ़के बोड़सरा आवत रहिन, तभे अमली (इमली) पेड़ के तरी पहुंचतेच ओकर घोड़ा अपन मन रुक गे। बनेच उदिम अउ कोशिश करे के बाद घलो घोड़ा एक डग आघू नइ बढ़िस।

तपसी बाबा जब धियान लगाके देखिन, त ओमन ल अमली पेड़ के तरी मइनका दाई के अलौकिक रूप के दरसन मिलिस। एकर बाद बाबा ह तुरते गांव के गौटिया ल बलवाइस अउ ओ जघा म पूरे विधि-विधान संग मइनका दाई के इस्थापना करवाइस। ओ दिन ले आज ले मइनका दाई बोड़सरा गांव के रच्छक बनके बिराजे हे।

मइनका दाई

दुख-पीरा हरइया मइनका दाई

कहे जाथे कि कोनो घलो परानी जब अपन जिनगी के दुख-पीरा लेके दाई के दुवार म गोहराथे, त ओकर बिगड़े काम बन जाथे अउ दाई ओकर सबो पीरा हर लेथे। अस्ते-कना ए ठउर पूरा गांव के भाव-भगती अउ आस्था के मुख्य केंद्र बन गे।

300 बछर ले इतिहास के साखी बने हे अमली रुख

आज घलो बोड़सरा के गुड़ीपारा म ओही अमली पेड़ के तरी मइनका दाई अपन सुग्घर रूप म विराजमान हे। लगभग तीन सौ बछर ले ए अमली रुख बदलत बखत, आवत-जावत पीढ़ी अउ इतिहास के कतको दौर के अमर साखी बने ठाढ़े हे। जमाना बदल गे, पीढ़ी बदल गे, फेर मइनका दाई बर मनखे मन के श्रद्धा तनिक भर नइ घटिस। आज मंदिर समिति अउ सेवादार मन के निसवारथ सेवा के सेती मइनका दाई के ठउर बोड़सरा के मान-गोन अउ पहचान बन चुके हे।

प्रस्तोता
त्रिभुवन लाल साहू
स्रोत
दुर्गेश साहू
समीक्षा
खम्हन प्रसाद साहू
बोड़सरा जांजगीर

You Might Also Like

सिरपुर ल यूनेस्को के अस्थायी सूची म जगह, विश्व धरोहर बने के बढ़िस उम्मीद

इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर म सजिहि छत्तीसगढ़ के भव्य पवेलियन

पुलिस स्मृति दिवस म मुख्यमंत्री साय ह शहीद जवान मन ल दीस श्रद्धांजलि

बस्तर दशहरा: 75 दिन ले चलइया दुनिया के सबले अनूठा लोकपर्व, जिहां दंतेश्वरी माई के होथे जय-जयकार

तँय प्रभु राम जइसन बन

TAGGED: #मइनका_दाई #बोड़सरा #रतनपुर_इतिहास #कल्चुरी_काल #छत्तीसगढ़_के_ग्रामदेवी #लोक_आस्था #अमली_के_छइहाँ #CGNews #ChhattisgarhiCulture, Arai Tutari, Arai Tutari Chhattisgarhi, chhattisgarh, Chhattisgarh news, chhattisgarhi
Araitutari Editor October 20, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Email Print
Previous Article रायगढ़ के विकास काम म देरी बर्दाश्त नइ, समय-सीमा म पूरा करव निर्माण: ओ.पी. चौधरी
Next Article तँय प्रभु राम जइसन बन
Arai Tutari अरई तुतारीArai Tutari अरई तुतारी

© Araitutari Media All Rights Reserved.

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?