तोर चरन म सीस नवाथन
त्रिभुवन लाल साहू, बोड़सरा,जांजगीर
छत्तीसगढ़ के मइया।
अँचरा म हन तोरे,
तैं पार लगा दे, पार लगा दे नइया॥
काकतीय के तैं कुलदेवी।
डंखिनी-शंखिनी के तीर रहइया।
जै हो जै हो दंतेवाड़ा के दंतेश्वरी मइया,
तैं पार लगा दे, पार लगा दे नइया॥
डोंगरगढ़ के डोंगर म बिराजे,
सोनहा मुकुट मुड़ी म तैं साजे।
जय हो बम्लेश्वरी मइया।
तैं पार लगा दे पार लगा दे नइया॥
महानदी के तिरवेनी संगम,
चंदरपुर म तोर धाम।
चंद्रमा कस मुख धरे,
सुमिरन करथन तोर नाम॥
नाथलदाई संग बिराजे,
चंदरसेनी मइया।
तैं पार लगा दे पार लगा दे नइया॥
कलचुरी के तै कुलदेवी,
तोला करव परनाम।
बिगड़ी बनइया तै सब्बो के काम,
रतनपुर के महामाई मइया॥
तैं पार लगा दे पार लगा दे नइया॥
तोर चरन म सीस नवाथन,
छत्तीसगढ़ के मइया।
अँचरा म हन तोरे,
तैं पार लगा दे, पार लगा दे नइया॥
