- पर्यटन अउ संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल हा करिन उद्घाटन
- रामगढ़ हा सरगुजा अंचल के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक अउ साहित्यिक धरोहर हे : मंत्री राजेश अग्रवाल
- मड़ई के आखिरी दिन म मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि
रायपुर, आषाढ़ महीना के पहिली दिन म सरगुजा अंचल के गौरवभरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक अउ साहित्यिक विरासत के चिनहा, दू दिन के रामगढ़ मड़ई (महोत्सव)-2026 के सुरूात सुमार के दिन पर्यटन अउ संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल हा करिन। पारंपरिक मान, सांस्कृतिक उल्लास अउ ऐतिहासिक चेतना ले भरे ए आयोजन म लोक संस्कृति, साहित्य, पुरातत्व अउ पर्यटन के अद्भुत मिलाप देखे ला मिलिस। मड़ई के उद्घाटन के बेरा म स्कूल के लइका मन अउ तीर-तखार के कलाकार मन हा रंग-बिरंग सांस्कृतिक प्रस्तुति ले समां बांध दिन, त ओही चउक नवा दिल्ली ले आए कलाकार मन कोति ले दिखाए गे भव्य रामलीला हा देखइया मन ला मंत्रमुग्ध कर दिस।
ए बेरा म सांसद चिंतामणि महाराज, लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज, जिला अउ जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, इतिहासकार, प्रशासनिक अधिकारी अउ अब्बड़ संख्या म मनखे मन हाजिर रहिन।
कार्यक्रम ला संबोदित करत हुए पर्यटन अउ संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल हा कहिन कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अगवाई म राज्य सरकार हा प्रदेश के सांस्कृतिक धरोहर मन ला सम्हाले अउ बढ़ाए बर लगातार काम करत हे। ओमन कहिन कि रामगढ़ मड़ई हा प्रदेश के समृद्ध लोक संस्कृति, इतिहास, पुरातत्व, साहित्य अउ पर्यटन के अद्भुत संगम हे, जउन हा आघू के पीढ़ी ला अपन गौरवभरे विरासत ले जोड़े के एक बड़े माध्यम बनही।
मंत्री अग्रवाल हा रामगढ़ मड़ई के 50 बछर पूरा होय ऊपर सबो ला बधाई अउ सुभकामना देवत कहिन कि रामगढ़ हा सिर्फ सरगुजा के नई, बल्कि पूरा देस के ऐतिहासिक अउ सांस्कृतिक पहिचान के एक बड़े केंद्र हे। राज्य सरकार हा एला देस अउ दुनिया के पर्यटन माई-नक्सा (मानचित्र) म इसथापित करे बर लगातार कोसिस करत हे।
ओमन बताइन कि मड़ई के बेरा म आएइया मन ला दुनिया के सबले जुन्ना रंगशाला के रूप म नांव चले सीताबेंगरा गुफा, ऐतिहासिक जोगीमारा गुफा, रामगढ़ पहाड़ के लरी (पर्वत श्रृंखला) अउ दूसर जरूरी पुरातात्विक जगह मन के घलो घूमाव-फिराव कराए जाही। इतिहास अउ पुरातत्व के जानकार मन ए जगह मन के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक अउ पुरातात्विक महत्व के पूरा जानकारी घलो दिहें, जेकर ले नवा पीढ़ी हा अपन ऐतिहासिक विरासत ला अउ बढ़िया ढंग ले समझ सकही।
ओमन कहिन कि रामगढ़ मड़ई हा तीर-तखार के पर्यटन ला नवा रस्ता देखाए के संग-संग सरगुजा के ऐतिहासिक धरोहर, कुदरती सुघराई अउ समृद्ध जनजातीय संस्कृति ला देस अउ दुनिया म नवा पहिचान दिलाए के मजबूत माध्यम बनही। ओमन ए जानकारी घलो दिन कि मड़ई के आखिरी दिन के कार्यक्रम म मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हा मुख्य अतिथि के रूप म शामिल होिहें।
सांसद चिंतामणि महाराज हा अपन भासन म कहिन कि रामगढ़ हा भारत के जुन्ना सांस्कृतिक चेतना के बड़े केंद्र हे। अइसन मानथें कि भगवान श्रीराम हा अपन बनवास के बखत इहां बिताए रहिन। ओमन कहिन कि महाकवि कालिदास हा घलो इहंचे ‘मेघदूतम्’ के रचना करे रहिन। सीताबेंगरा, जोगीमारा, राम-जानकी मंदिर अउ हाथीपोल जइसन ऐतिहासिक जगह मन दुनिया के पर्यटन म अपन एक अलग पहिचान बनाए के ताकत रखथें। ओमन कहिन कि सबो के संग मिलके करे कोसिस ले रामगढ़ ला दुनिया भर म पहिचान दियाए जाही।
लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज हा कहिन कि रामगढ़ हा सिर्फ धरम अउ आसा के केंद्र नई हे, बल्कि ऐतिहासिक अउ साहित्यिक नजरिया ले घलो अब्बड़ जरूरी जगह हे। इहां के सांस्कृतिक विरासत अउ कुदरती सुघराई म पर्यटन के अब्बड़ संसो (संभावना) भरे हे। ओमन ए धरोहर ला दुनिया भर म फैलाए अउ सम्हाले के जरूरत ऊपर जोर दिन।
कलेक्टर अजीत वसंत हा आए हुए अतिथि मन अउ मनखे मन के सुवागत करत कहिन कि रामगढ़ मड़ई हा सरगुजा के जुन्ना सांस्कृतिक विरासत ला देस अउ प्रदेश स्तर म नवा पहिचान दिलाए के बड़े मंच ए। ओमन कहिन कि ए आयोजन म इहंके कलाकार मन, लोक संस्कृति अउ पारंपरिक कला ला बिसेस जगह दिए गे हे, जेकर ले इहंके गुन (प्रतिभा) ला अपन कला देखाए के मौका मिलत हे। ओमन बिसवास जताइन कि रामगढ़ के ऐतिहासिक पहिचान हा आघू म दुनिया भर म अउ मजबूत होगी अउ जादा ले जादा घुमइया मन ए धरोहर ले जुड़िहें। ओमन सबो आए मनखे मन ले मड़ई के अलग-अलग कार्यक्रम म सामिल होके सांस्कृतिक अउ ऐतिहासिक विरासत के आनंद लेवे के बिनती करिन।
कार्यक्रम म जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष राम किशुन सिंह, जुन्ना सांसद कमलभान सिंह मरावी, जिला पंचायत सदस्य राधा रवि अउ रायमुनिया कुरियम, जनपद पंचायत अध्यक्ष आलोक सिंह, उपाध्यक्ष सिद्धांत सिंह, पार्षद आलोक दुबे, एल्डरमैन करता राम गुप्ता, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल, अलग-अलग विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, साहित्यकार, तीर-तखार के जनप्रतिनिधि अउ अब्बड़ संख्या म मनखे मन हाजिर रहिन।
