नियद नेल्लानार योजना: कच्चापाल जलप्रपात के तीर ‘इन्द्रावती समूह’ के माईलोगन मन कुकरी पालन ले लिखत हंव आत्मनिर्भरता के नवा अकछर
रायपुर, छत्तीसगढ़ के भीतर अउ दुरिहा-दुरिहा के इलाका मन में विकास के नवा अंजोर पहुँचाए वइया ‘नियद नेल्लानार योजना’ अब गाँव के लोगन मन के जिंदगी में बड़े बदलाव लावत हे। जिला प्रशासन के लगातार मिहनत ले ओरछा विकासखण्ड के ग्राम कच्चापाल में कमाई-धमाई (आजीविका) के नवा रद्दा खुले हे। इहाँ के माईलोगन (महिला) मन ह सिरिफ आत्मनिर्भर बने के संकलप नहीं लीन हे, बल्कि ओमन ए इलाका के पर्यटन विकास में घलो अपन हाथ बंटाए बर तैयार हंव।
प्रशासन के साथ, माईलोगन मन के हौसला
प्रशासन के सुग्घर देख-रेख में पशुधन विकास विभाग कोति ले ग्राम कच्चापाल के ‘इन्द्रावती महिला स्व-सहायता समूह’ ला एक ठन नवा ताकत मिले हे। समूह के माईलोगन मन ला आत्मनिर्भर बनाए के उदेस्य से बैकयार्ड कुक्कुट (कुकरी) पालन योजना के तहत लाभ दियाय गिस हे। विभाग डहार ले समूह के सदस्य मन ला अपन बूता सुरू करे बर:
- 10 इकाई उन्नत नस्ल के कुकरी के चूँचा (चूजे) अउ
- बढ़िया किसम के कुकरी के चारा (दाना) दियाय गे हे।
पर्यटन अउ आजीविका के सुग्घर मिलाप
इन्द्रावती महिला स्व-सहायता समूह के अधयक्छ (अध्यक्ष) पुनई ह जिला प्रशासन के ए मदद ऊपर खुसी जतावत हुए एक ठन बढ़िया बिजनेस मॉडल के आस देखाइन। कच्चापाल जलप्रपात (Waterfall) ह अपन कुदरती सुग्घरई के सेती घूमे वइया (पर्यटक) मन के अकरसन के मुख्य केंद्र आय। ओमन कहिन कि- “हमर इलाका में कच्चापाल जलप्रपात होए के कारण पर्यटन के बड़ संभवाना हे। इहाँ घूमे बर आए लोगन मन के सेती स्थानीय स्तर में अण्डा अउ मांस के माँग हमेशा बने रहिथे।”
आर्थिक मजबूती कोति बढ़त कदम
पहिले जहाँ गाँव के माईलोगन मन करा कमाई के थोरिक साधन रहिस, वहीं अब ए कुकरी इकाई (Poultry Unit) के मिले ले ओमन कुकरी पालन अउ अण्डा उत्पादन के बूता ला बड़े पैमाना में करिहैं। जलप्रपात इलाका में आए वइया सैलानी मन अउ स्थानीय दुकान मन में सीधा समान पहुँचाए (सप्लाई करे) ले माईलोगन मन ला दलाल (बिचौलियों) मन ले मुकती मिलही। ए ब्योपार ले होए वइया आमदनी (कमाई) ले समूह के माईलोगन मन आर्थिक रूप से मजबूत होइहैं अउ ओकर परिवार के जिंदगी के स्तर सुधरही।
कच्चापाल के ‘इन्द्रावती महिला स्व-सहायता समूह’ के ए कहानी ए बात के चिनहा आय कि यदि सही समे में सही साधन अउ रद्दा दिखाई जाय, त गाँव-गँवई के माईलोगन मन घलो मूलधारा में सामिल होकर विकास के रफतार ला बढ़ा सकत हंव।
