संताय पोटाई ला सिबिर मा च मिलिस नवा रासन कार्ड
रायपुर, छत्तीसगढ़ के विष्णुदेव साय सरकार डहर ले राज मा सुसासन (सुशासन) के नवा परिभाषा लिखे जात हे। एकर जागत-जोत उदाहरण ‘सुसासन तिहार 2026’ के रूप मा आगू आवत हे, जऊन ह गांव अउ जंगल इलाका के नागरिक मन बर एक बड़ राहत के साधन बन चुके हे। जिला के दूर-दराज इलाका मन मा लगे समाधान सिबिर (शिविर) के माध्यम से परासासन ह सोझ जनता के दुवार तक पहुंचत हे, जेकर से बछर ले रुके समस्या मन के मउका मा च निरवारन (निपटारा) होत हे।
एही कड़ी मा नारायणपुर के ग्राम भाटपाल ले एक सुग्घर अउ खुसी के तस्वीर आगू आई हे। इहां के ग्रामीण संताय पोटाई बर ये सुसासन तिहार ह ओकर जिनगी मा एक नवा बिहान (सुबह) लेके आईस, जब ओला सिबिर मा च ओकर नवा रासन कार्ड बनाके सउंप दिये गिस।
बछर के अगोरा मिनट मा खतम
संताय पोटाई ह अपन दुख-पीरा ला बतात हुए कहिस कि अब्बड़ दिन ले रासन कार्ड नई होय के सेती ओकर परिवार ह सरकारी राशन दुकान (PDS) ले मिलने वाला सस्ता अहार (खाद्यान्न) ले वंचित रीहिस। ओ ह पहिली घलो कतको बेर कोसिस करिस, पर गांव के दूरी अउ कागजी काम-बूता के चक्कर मा बात नई बन पावत रीहिस। ए बात ऊपर ओ ह कहिस कि—”मंय थक चुके रहेंव, पर सुसासन तिहार के सिबिर ह मोर संसो ला दूर कर दीस। मंय अधिकारी के आघू अपन समस्या ला राखेंव अउ देखत-देखत तुरते कारवाही करत हुए मोर नवा रासन कार्ड मोर हाथ मा सउंप दिये गिस। अब मोर घर मा घलो रोज दिन सरकारी रासन आही।”
मुखमंत्री अउ जिला परासासन के मानिस धन्यबाद
नवा रासन कार्ड मिले ले संताय पोटाई अउ ओकर परिवार के चेहरा खिल उठिन हें। अब ओमन ला सरकार डहर ले तय करे गे सस्ता दर मा चाउर, सकरी (शक्कर) अउ दूसर जरूरी खाय के सामान रोज दिन मिल सकिही। ए तुरते मिले नियाव (न्याय) बर संताय ह मुखमंत्री विष्णुदेव साय अउ जिला परासासन ला ले अब्बड़ धन्यबाद दीस। ओ ह कहिस कि ये अभियान ह साच मा गांव के मनखे मन बर एक असीस (वरदान) साबित होत हे, जहाँ दफ्तर के चक्कर काटे के जगह सरकार खुद गांव आके बूता ला करत हे।
‘सुसासन तिहार’ ले गढ़बो नवा छत्तीसगढ़
जिला परासासन नारायणपुर के देख-रेख मा ए सिबिर के आयोजन लगातार करे जात हे। एकर सबले बड़ उदेस्य कागजी काम-बूता ला सहल (सरल) बनाके आखिरी मनखे तक लोकतंत्र अउ बिकास के लाभ पहुंचाना ए। परासासन के ए सुग्घर रुख ले सिरिफ आम जनता के समस्या मन के तुरते समाधान च नई होत हे, भलुक सरकारी योजना के पहुंच घलो सौ प्रतिसत पक्का होत हे।
