रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अगुवाई म छत्तीसगढ़ म टिकाऊ अऊ जैविक खेती ला बढ़ावा दे बर बड़े कदम उठाए जावत हे। ए कड़ी म जशपुर जिला म रासायनिक खाद के भरोसा ला कम करे अऊ भुइँया के ताकत (उर्वरता) ला बढ़ाए बर हरी खाद के उपयोग ला बढ़ावा दिय जावत हे।
कृषि विभाग कोति ले जशपुर जिला के जम्मो विकासखंड म ए साल 600 हेक्टेयर इलाका म हरी खाद के परदर्सन करे जावत हे। किसान भाई मन ले अरजी करे गे हे कि ओमन खेती विभाग के मैदानी कर्मचारी मन ले मिल के हरी खाद तकनीक ला अपनायें, जेकर ले माटी के सेहत सुधर सके अऊ खेती-किसानी म लंबा बखत तक जादा उपज मिल सके।
हरी खाद के तहत ढेंचा, सनई, मूंग, उड़द अऊ बरसीम जइसन फसल ला खेत म उगाय जाथे अऊ 40 ले 50 दिन के बाद खेत ला जोत के ओला माटी म मिला दिय जाथे। एकर 2 ले 3 हफ्ता बाद मुख्य फसल के बोवाई करे जाथे। ए तरीका ले माटी म प्राकृतिक पोषक तत्व मन के कमी पूरा हो जाथे।
हरी खाद के उपयोग ले माटी म नाइट्रोजन, पोटाश अऊ दूसर जरूरी पोषक तत्व के मात्रा बढ़ जाथे, अऊ संग म जैविक पदार्थ घलो बाढ़थे। एकर ले खेत के माटी म पानी सोखे के ताकत (जलधारण क्षमता) बढ़ जाथे अऊ भुइँया भुरभुरी अऊ जादा उपजाऊ बनथे। हरी खाद अपनाए ले रासायनिक खाद, खास करके यूरिया के जरूरत ह कम हो जाथे।
जानकार के कहना हे कि हरी खाद के उपयोग ह कम लागत म जादा लाभ दे के एक सुग्घर तरीका आय, जेहा पर्यावरण ला बचाय के संग किसान मन के कमई बढ़ाए म घलो मददगार हे। राज्य सरकार कोति ले ए दिसा म करे जावत कोसिस ह किसान मन ला आत्मनिर्भर बनाय अऊ खेती ला जादा दिन तक फायदा दे लायक (टिकाऊ) बनाय म बड़े भूमिका निभावत हे।
