रायपुर, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत चलत वाटरशेड विकास परियोजना ह छत्तीसगढ़ जइसन राज म कतकोन किसान मन के करम ला बदल दे हे। ए योजना मन, जऊन ह पानी जतन अउ भुइँया के उपजाऊ सक्ति ला बढ़ाए ऊपर टिके हे, छोटे अउ गरीब किसान मन बर खुसहाली के रद्दाता बन गे हे। गांव-देहात के इलाका म किसान मन के कमाई ला बढ़ाए अउ ओमन ला आत्मनिर्भर बनाए के डाहर म चलत वाटरशेड विकास योजना ह आज कतकोन परिवार बर बरदान साबित होत हे। धमतरी जिला के बेलौदी (विकासखंड-मगरलोड) के रहइया एक छोटे से किसान छबी लाल ह ए योजना के सही तरीका ले लागू होय के एक जीता-जागता अउ प्रेरणा देइया मिसाल बनके आघू आए हे।
पुरखा मन के खेती ले आधुनिक साग-भाजी उत्पादन तक के सफर
पहिली छबी लाल ह कम साधन अउ पुरखा के खेती ऊपर आसरित रहिस हे। सिंचई बर पानी ऊपर भरोसा अउ तकनीक के जानकारी नहीं होय के कारन ओकर आर्थिक हालत ह तंग रहय। वाटरशेड योजना के अंतर्गत रोजी-रोटी (आजीविका) मद ले मिले सहयोग अउ खेती के जानकार के वैज्ञानिक देख-रेख ह ओकर जिनगी के रद्दाता ला बदल दिस। ओ ह अपन लगभग 1.5 एकड़ जमीन म साग-भाजी उत्पादन के एक सुघर अउ उन्नत मॉडल तइयार करिस।
बदलाव के सुरूआत
आज ओ ह अपन खेत म ए जम्मो फसल के सुघर खेती करत हे, जेमा साग-भाजी म बरबट्टी, भिंडी, करेला, भाटा अउ गिल्की सामिल हे। ओ ह पानी के जतन, माटी के नमी ला बचाए अउ बदल-बदल के खेती (बहुफसली चक्र) करे ला अपनाए हे।
आर्थिक मजबूती अउ सुघर जिनगी
योजना के तहत मिले बढ़ावा राशि अउ पानी के सही जतन के काम ले खेत के पैदवार (उत्पादन क्षमता) म बड़ भारी बढ़ती होय हे। छबी लाल ह अब तीर-तखार के बजार म ताजा साग-भाजी के लगातार सप्लाय करत हे, जेकर ले ओला रोज अउ ऊपर के कमाई मिलत हे। अपन परिवार के जरूरत ला अउ अच्छा से पूरा करे के संग-संग ओकर भरोसा अउ जिनगी जिए के तरीका म बड़ सुधार आए हे।
भारत सरकार के सचिव ह थपथपाइन पीठ
अभी हाल म धमतरी दौरा के बखत भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव नरेन्द्र भूषण ह खुद छबी लाल के खेत ला देखे बर गइन। वाटरशेड योजना ह सिरिफ पानी अउ भुइँया के जतन तक ही सिमटे नहीं हे, भलुक ए ह गांव के परिवार के रोजी-रोटी ला मजबूत बनाए अउ किसान मन ला आर्थिक रूप ले अपन गोड़ ऊपर खड़ा करे के एक बड़ असरदार माध्यम आय।
किसान छबी लाल के ए सफलता ह साबित करथे कि यदि सरकारी योजना के सही क्रियान्वयन, सही वैज्ञानिक देख-रेख अउ किसान के मेहनत ह एक संग मिल जाय, त गांव के विकास के एक नवा अउ सुनहरी तसवीर तइयार करे जा सकत हे।
