गांव-देहात के छत्तीसगढ़ ला मजबूत बनाए के नवा अधिया (अध्याय)
1 जुलाई 2026 ले लागू होही नवा रोजगार गारंटी व्यवस्था, अब 100 के बदला मिलही 125 दिन के काम
- धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक
- सुनील त्रिपाठी, सहायक संचालक
रायपुर. भारत सरकार द्वारा गांव के रोजी-रोटी (आजीविका) अउ जम्मो विकास ला नवा ऊँचाई दे के उदेस (उद्देश्य) ले ‘विकसित भारत-जी राम जी (VB-G RAM G) अधिनियम, 2025’ अधिसूचित करे गए हे। ए क्रांतिकारी कानून ह 1 जुलाई 2026 ले पूरा देस म लागू हो जाही अउ अभी के मनरेगा (MGNREGA) के जगह लेही। छत्तीसगढ़ सरकार ह ए नवा व्यवस्था ला राज म पूरा मुस्तैदी के संग लागू करे के तैयारी सुरू कर दे हे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संदेस
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ह ए अधिनियम ला गांव के संबरत दिन (ग्रामीण समृद्धि) के अधार बताते हुए कहिन कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अगुवाई म विकसित भारत-2047 के संकलप ला पूरा करे के डाहर म ए अधिनियम ह एक मील के पथरा (पत्थर) आय। छत्तीसगढ़ जइसन खेती-किसानी वाले राज बर 125 दिन के पक्का रोजगार के कानूनी गारंटी हमर गांव के भाई-बहिनी मन के जिनगी म आर्थिक स्थिरता अउ खुसहाली के नवा अंजोर (सवेरा) लेके आही। हमर सरकार ह ए व्यवस्था ला पूरा साफ-सुथरा (पारदर्शिता) के संग लागू करे बर संकलप लिए हे, जेकर ले विकास के लाभ ह समाज के आखिरी मानुस तक पहुँच सके।
अधिनियम के मुख्य गुन (विशेषताएँ) अउ लाभ
125 दिन के रोजगार के गारंटी: नवा व्यवस्था के तहत अब हर गांव के परिवार के इछुक सयान (वयस्क) सदस्य ला प्रति वित्तीय बछर 125 दिन के अकुशल शारीरिक मिहनत (श्रम) के कानूनी गारंटी मिलही। ए ह अभी के 100 दिन के सीमा ले 25 प्रतिशत जादा हे। केंद्र सरकार ह वित्तीय बछर 2026-27 बर ए योजना बर 95 हजार 692.31 करोड़ रूपया के रिकार्ड बजट के प्रावधान करे हे। राज के हिस्सा ला मिला के कुल खरच 1.51 लाख करोड़ रूपया ले जादा होही। मिहनताना (मजदूरी) के भुगतान ह सीधा मजदूर के खाता म (DBT) हफ्तावार आधार ऊपर या मस्टर रोल बंद होय के 15 दिन के भीतर पक्का करे जाही। देरी होय म मजदूर ह ‘बिलंब छतिपूरक’ (विलंब क्षतिपूर्ति) के हकदार होहीं। यदि काम मांगे के तय समय के भीतर रोजगार नहीं मिलिस, त सरकार डाहर ले संबंधित मजदूर ला बेरोजगारी भत्ता दे जाही। पंचायत ला स्थानीय जरूरत के हिसाब ले काम चुने बर जादा अधिकार दे गए हे, जेकर ले गांव म स्थायी परिसंपत्ति (जइसन पानी जतन, कृषि अधोसंरचना) के निरमान होही।
असान बदलाव के व्यवस्था
मजदूर अउ प्रशासन के सुभीता (सुविधा) बर ए व्यवस्था ला करे गए हे। अभी के ई-केवाईसी (e-KYC) सत्यापित मनरेगा जॉब कार्ड ह तब तक चलही जब तक नवा ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड ह जारी नहीं हो जाही। 30 जून 2026 तक मनरेगा के तहत चलत जम्मो काम बिना कोनो रुकावट के चलत रहिहीं अउ 1 जुलाई ले अपने-आप नवा व्यवस्था म मिल जाहीं। नवा मजदूर ग्राम पंचायत स्तर म असानी ले अपन नांव लिखवा (पंजीयन करा) सकिहीं।
विकसित भारत 2047 के अधार
ए अधिनियम ह सिरिफ एक ठन रोजगार योजना नो हे, भलुक ग्रामीण भारत ला आत्मनिर्भर अउ कमाऊ (उत्पादक) बनाए के बड़ अभियान आय। छत्तीसगढ़ म ए योजना के सही तरीका ले लागू होय ले गांव के संचरना, पानी के जतन अउ खेती के सुधार ला बड़ तेजी मिलही, जो राज ला विकसित छत्तीसगढ़ के कोति तेजी ले आघू बढ़ाही।
