- “पारदर्शिता के नवा पहिचान ‘ई-ऑफिस'”
- नितेश चक्रधारी (सहायक जनसंपर्क अधिकारी)
रायपुर, छत्तीसगढ़ म ‘ई-ऑफिस’ (e-Office) प्रणाली ह सरकारी कामकाज म पारदर्शिता, रफ़्तार अउ जवाबदेही लाके सुशासन (Good Governance) के नवा अंजोर लेके आई हे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अगुवाई म, ए डिजिटल पहल ह भ्रष्टाचार ऊपर ‘जीरो टॉलरेंस’ अउ सरकारी प्रक्रिया ला सरल बनाय के दिसा म एक क्रांतिकारी कदम आय। फाइल मन के डिजिटल होय ले ओखर हेराफेरी के गुंजाइश ह लगभग खतम हो जाथे, जेखर ले सासन म पारदर्शिता आथे। कागजी फाइल एक जगह ले दूसर जगह ले जाय म जे समय लागत रिहिस, अब ओ ह बाचत हे, जेखर ले फाइल मन तेजी ले आगू बढ़थें अउ फैसला घलो झटकुन लिये जाथे।
डिजिटल तकनीक ह आज सिर्फ जानकारी के आदान-प्रदान तक सीमित नइ हे, बल्कि ए ह सासन के काम करे के तरीका ला नवा रूप देवत हे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन अउ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन, पारदर्शिता अउ जवाबदेही के संकल्प ला पूरा करत हुए राज्य म ई-ऑफिस (e-Office) प्रणाली ह प्रशासनिक व्यवस्था के एक जरूरी हिस्सा बन चुके हे।
फाइल के ढेर ले डिजिटल रफ़्तार तक
छत्तीसगढ़ म अब सरकारी दफ्तर के तस्वीर बदलत हे। वो बखत अब बीसरावत हे जब ऑफिस मन म धूर खावत फाइल के ढेर अउ कछुआ के रफ़्तार ले चलने वाली प्रक्रिया ला सामान्य माने जावत रिहिस। अब डिजिटल फाइल के माध्यम ले काम म न केवल तेजी आई हे, बल्कि पूरा प्रक्रिया म पारदर्शिता घलो पक्का होय हे।
सक्ती जिला रिहिस सबले आघू
ई-ऑफिस प्रणाली ला बने ढंग ले लागू करे म राज्य ह डिजिटल गवर्नेंस म नवा पैमाना बनाय हे। बड़े नेटवर्क के तहत परदेस के 87 हजार 222 ले जादा अधिकारी-कर्मचारी ए डिजिटल प्लेटफॉर्म ले जुड़ चुके हें। अब तक 5 लाख 46 हजार 903 ले जादा फाइल के सफल डिजिटल संचालन करे गे हे। 30 अप्रैल 2026 के स्थिति म परदेस के 33 वां जिला सक्ती ह 15 हजार 735 फाइल के डिजिटल संचालन के संग राज्य म सबले आघू रिहिस हे।
