धनंजय राठौर संयुक्त संचालक जनसंपर्क
रायपुर. आज के बखत मां टिकाऊ खेती डाहर बढ़ना समय के मांग आय। रासायनिक खाद अउ दवाई के बोझ ले दबे माटी ला राहत दे बर ‘हरी खाद’ एक बढ़िया रस्ता बनके आगू आइस हे। एहा न केवल फसल के पैदावार ला बढ़ाथे, बल्कि आने वाला पीढ़ी बर घलो भुइँया के ताकत (उर्वरता) ला बचा के रखथे। माटी बचही, त किसान बचही अउ किसान बचही, त देस ह समृद्ध होही।
कृषि विभाग डाहर ले किसान मन ला खेती मां हरी खाद के उपयोग करे बर प्रेरित करे जावत हे, जेखर ले माटी के उपजाऊपन बढ़य अउ फसल घलो बढ़िया होवय। विभाग के कहना हे कि धान के खेत मां लगातार रासायनिक खाद के जादा उपयोग करे ले माटी मां रहइया फायदा पहुंचावन वाला छोटे जीव (सूक्ष्म जीव) मन कम होवत जावत हें अउ माटी के बनावट घलो बिगड़त हे।
का आय हरी खाद?
हरी खाद ओ सहायक फसल ला कहिथें, जेला मुख्य फसल बोय के पहिली खेत मां उगाय जाथे अउ जब ओमां फूल आय के बखत होथे, त ओला हल चला के माटी मां ही दबा दियें जाथे। ढैंचा, सनई, लोबिया, मूंग अउ उड़द जइसन फसल मन हरी खाद बर सबले बढ़िया माने जाथें। हरी खाद बर दाल वाले (दलहनी) अउ बिना दाल वाले, दूनों किसम के फसल मन के उपयोग करे जाथे। हरी खाद बर झड़वा अउ रुख-राई के पत्ती अउ डारा ला घलो काम मां ला सकथें, फेर एखर बर खास रूप ले ढैंचा फसल के उपयोग करे जाथे। ए फसल मन ला खेत मां लगा के माटी मां सुधार करे जाथे।
माटी के सेहत मां सुधार
हरी खाद के सबले बड़े असर माटी के बनावट अउ ओखर रासायनिक शक्ति ऊपर पड़थे। एहा माटी मां नाइट्रोजन अउ कार्बनिक पदार्थ (ह्यूमस) के मात्रा ला तेजी ले बढ़ाथे। हरी खाद ह माटी ला भुरभुरा बना देथे, जेखर ले हवा के आना-जाना बढ़ जाथे अउ पौधा मन के जर ह गहीर तक जा सकथे। एखर उपयोग ले माटी के पानी सोखने के सकति बढ़ जाथे, जउन ह सूखा के बखत मां फसल बर ‘संजीवन’ के काम करथे।
उत्पादन मां बढ़ाव अउ खरचा मां कमी
जब माटी तंदुरुस्त राही, त फसल के बढ़ना पक्का हे। हरी खाद के प्रयोग ले पैदावार मां 15 ले 20 प्रतिशत तक के बढ़ाव देखे जा सकथे। यूरिया अउ दूसर रासायनिक खाद ऊपर निर्भरता कम हो जाथे, जेखर ले किसान के खेती के खरचा घट जाथे। एहा ‘मित्तर कीरा’ ले फसल के रक्छा घलो करथे अउ भुइँया के भीतर फायदा पहुंचावन वाला जीव अउ केंचुआ के संख्या बढ़ाए मां मदद करथे।
हरी खाद बनाय के सही तरीका
- फसल के चुनाव: अपन इलाका के हवा-पानी के हिसाब ले सनई या ढैंचा ला चुनव।
- बोय के बखत: मानसून के सुरूआत (जून-जुलाई) एखर बर सबले बढ़िया हे।
- माटी मां मिलाना: जब फसल लगभग 40-50 दिन के हो जाय अउ ओमां फूल आय बर धर लय, तब ओला पाटा लगा के या रोटावेटर ले माटी मां मिला देव।
- सड़ाय के तरीका: फसल ला माटी मां पलटे के बाद 10-15 दिन तक खेत मां नमी (गिलापन) बना के रखव, ताकि खाद ह बढ़िया ले सड़ के माटी मां मिल जाय।
हरी खाद के प्रयोग ले बढ़ही आय
हरी खाद ह सिरिफ एक ठन खाद नई आय, बल्कि एहा माटी के इलाज (उपचार) आय। यदि किसान ह हर दूसरे या तीसरे बछर अपन खेत मां हरी खाद के प्रयोग करही, त न केवल ओखर आय (कमाई) बढ़ही, बल्कि हम समाज ला रासायनिक दवाई ले मुक्त, सुद्ध अउ ताकतवर अनाज घलो दे सकबो।
खेती-किसानी बर एक ‘वरदान’ आय हरी खाद
हरी खाद के उपयोग खेती बर एक ‘वरदान’ के बरोबर हे। आज के बखत मां रासायनिक खाद के जादा उपयोग ले माटी के उपजाऊ सकति कम होवत हे, अइसन मां हरी खाद (Green Manure) ह प्राकृतिक तरीका ले माटी ला फिर ले जियत करे के सबले बढ़िया अउ आसान रस्ता आय।
बीज बर कृषि विभाग के कोसिस
कृषि विभाग डाहर ले खरीफ फसल ले पहिली हरी खाद के बीज देवय बर घलो पहल करे जावत हे। एखर बर इलाका के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) मन के जरिया ले किसान मन ले मांग (Demand) मंगा के बीज उपलब्ध कराय के ब्यवस्था करे जावत हे।
