डाॅ. दानेश्वरी संभाकर
उप संचालक (जनसंपर्क)
रायपुर , छत्तीसगढ़ मा महिला सशक्तिकरण अउ कुपोसन मुक्ति ला एक संग जोड़त हुए राज सरकार ह एक अइसन सुरुअत करे हे, जेकर से गांव-घर के महिला मन के जिनगी मा आसा, अतमबिसवास अउ अरथिक सुथिरता के नवा अंजोर जगमगागे हे। आंगनबाड़ी केंद्र बर पूरक पोसन अहार (रेडी-टू-ईट) ला बनाये अउ बांटे के बुरता (जिम्मेदारी) महिला स्व-सहायता समूह ला सउंप के सरकार ह महिला मन ला सिरिफ रोजगार च नई दीस, भलुक ओमन ला विकास के सोज मारग मा आगू बढे के बड़ मौका घलो दीस हे।
मुखमंत्री विष्णु देव साय के अगवाई मा सुरु करे गिस ये कोसिस राज मा महिला सशक्तिकरण अउ पोसन सुरक्षा के एक संग चले वाला माडल के रूप मा उभरत हे। पहिली जहां पूरक पोसन अहार बनाये के बूता बाहरी एजेंसी के संसो ले होवत रीहिस, ओकर जगह अब ये जिम्मेदारी गांव के माईलोगन मन ह संभार ले हें। एसे ले स्थानीय स्तर मा रोजगार बाढ़ीस हे अउ महिला मन के अरथिक दसा मा अब्बड़ सुधरई देखे बर मिलत हे।
राज सरकार ह पहिली चरन मा रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा अउ बलौदाबाजार-भाटापारा जिला मन मा ये योजना ला पायलट प्रोजेक्ट (परयोग) के रूप मा लागू करे हे। ए छै जिला मन के 42 महिला स्व-सहायता समूह ला रेडी-टू-ईट पोसन अहार बनाये अउ बांटे के जिम्मा सउंपे गिस हे। ए समूह के धुर्रा ले हजारो महिला मन ला रोजगार मिले हे अउ ओमन अब एकजूट हो के सामान बनाये, पैकिंग करे, गुनवत्ता जांचे अउ बांटे के बूता ला संभारत हें।
प्रदेश के पहिली रेडी-टू-ईट उत्पादन रायगढ़ जिला मा सुरु होईस, जऊन ह पूरा राज बर एक बड़ प्रेरणा के उदाहरण बनिस। कोरबा जिला मा 10, रायगढ़ मा 10, सूरजपुर अउ बलौदाबाजार-भाटापारा मा 7-7, बस्तर मा 6 अउ दंतेवाड़ा मा 2 महिला स्व-सहायता समूह ए बूता ले जुड़े हें। ए समूह मन के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्र मन तक समे मा बढ़िया गुनवत्ता वाला पूरक पोसन अहार पहुंचाय जात हे।
ए कोसिस के सबले बड़ बात ये हे कि एकर से माईलोगन मन के भूमिका सिरिफ मजूरी करे तक नई रहिगे, भलुक ओमन ह पूरा संजाल (प्रबंधन) अउ फैसला लेवइया प्रक्रिया के घलो हिस्सा बन गीन हें। उत्पादन इकाई (फैक्ट्री) मा काम करत महिला मन ला मसीन चलाए, गुनवत्ता जाँचे, पैकिंग करे, कोठार मा सहेज के रखे, बांटे अउ लेखा-जोखा (हिसाब-किताब) संभारे के सीखोई (प्रशिक्षण) दिये गिस हे। नवा तकनीक ले लैस ए इकाई ह गांव के महिला मन ला आत्मनिर्भर बने के संसो दीस हे।
सूरजपुर जिला मा चलत रेडी-टू-ईट बनाये के संयंत्र ए बदलाव के एक सुग्घर अउ मजबूत तरीखा देखावत हे। भैयाथान, प्रतापपुर अउ सूरजपुर विकासखंड मन मा चलत संयंत्र मा महिला मन ह पोसक नमीन दलिया अउ मीठा सकती अहार तैयार करत हें। ए खाए के चीज मन मा विटामिन ‘ए’, विटामिन ‘डी’, आयरन, कैल्शियम, जिंक अउ फोलिक एसिड जइसन जरूरी पोसक तत्व मिले हे, जऊन ह लइका मन, गरभवाती माईलोगन अउ दूध पियावइया दाई के सेहत बर अब्बड़ गुनकारी हे।
ए संयंत्र मा काम करत महिला मन अब सिरिफ अपन घर-परिवार के जिम्मेदारी च नई उठावत हें, भलुक जिला के पोसन अभियान मा घलो बड़ भागीदार बन चुके हें। सूरजपुर जिला मा अहार ला बनाये के संग-संग ओला बांटे के जिम्मा घलो महिला समूह ला सउंपे गे हे, जेकर से बड़ संख्या मा गांव के महिला मन आजीविका (कमाई-धमाई) ले जुड़ सकिन हे। लगभग 430 महिला मन आंगनबाड़ी केंद्र तक पोसन अहार पहुंचाय के बूता मा तन-मन ले लगे हें।
महिला अउ बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ह ए कोसिस ला महिला मन के अरथिक आत्मनिर्भरता अउ लइका मन के बने पोसन के डहर मा एक बड़ कदम बताए हे। ओकर कहना हे कि ये योजना महिला मन ला रोजगार देवे के संग-संग राज के पोसन के अस्तर ला सुधारे मा घलो बड़ भूमिका निभावत हे।
सच्ची बात तो ये हे कि ये कोसिस सिरिफ पोसन अहार बनाये तक नई हे, भलुक ये ह समाज मा बदलाव के एक बड़ कहानी घलो ए। जऊन माईलोगन मन के चिनहा कभू सिरिफ घर के चूल्हा-चौका तक रहिस, वे आज उत्पादन इकाई ला चलावत हें, समूह के अगवाई करत हें अउ अपन परिवार के अरथिक मजबूती के खंभा बनत हें। बंधाए आय (नियमित कमाई) ह ओमन के जिनगी मा सुथिरता लाए हे, अतमबिसवास बढ़ाए हे अउ समाज मा ओमन के भागीदारी ला अउ मजबूत करे हे।
छत्तीसगढ़ मा महिला स्व-सहायता समूह मन के माध्यम से चलत ये माडल “पोसन के संग सशक्तिकरण” के सोच ला साच मा बदलत हे। ये कोसिस ह साबित करत हे कि जब माईलोगन मन ला मौका अउ बिसवास मिलथे, त ओमन सिरिफ अपन जिनगी च नई बदलंय, भलुक पूरा समाज के बिकास के रस्ता घलो तय करथें।
