प्रसासन के संवेदनसीलता अऊ तुरंते कारवाही बर हितग्राही ह जताइस आभार
रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार कोति ले लगाय जावत ‘सुसासन तिहार’ ह आम जनता के समस्या ला तुरंते निपटाय के एक ठन बड़े माध्यम बनत हे। नगर पालिका भाटापारा के इतवारी राम यादव सरकारी स्कूल म लगे सिविर म उस समय प्रसासन के दयालु अऊ सजग चेहरा देखाय दिस, जब राशन कार्ड के समस्या लेके पहुंचे इहां के रहवइया सुनीता जायसवाल के काम ह मिनटों म पूरा हो गे।
संवेदनसीलता के संग तुरंते समाधान
सुनीता जायसवाल ह काफी समय ले राशन कार्ड बर हलाकान होवत रहिस। सिविर म ओकर अरजी (आवेदन) के ऊपर अधिकारी ह तुरंते धियान दीन अऊ पात्रता के जांच करके मउका म ही नवा राशन कार्ड बनाके ओला सउंप दीन। हाथो-हाथ राशन कार्ड ला पाके सुनीता ह गदगद हो गे अऊ तुरंते न्याय मिले बर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हिरदे ले आभार जताइस।
एक ही छत के नीचे मिलिस सरकारी सुबिधा
सुसासन तिहार के असल मकसद गांव वाले अऊ सहर के मनखे मन ला सरकारी दफ्तर के चक्कर काटे ले आजादी दिलाना आय। ये सिविर के कुछ खास बात अइसन रही:
- एक ही जगह म सब्बो विभाग के होय ले अरजी के मिलान अऊ जांच ह सहज हो गे।
- मिले आवेदन म बिना कोनो देरी के साफ-सुथरा ढंग ले कारवाही करे गिस।
- सुनीता जायसवाल कस अऊ कतको मनखे मन ला ओकर पेंशन, राजस्व अऊ आन सरकारी सुबिधा के तुरंते लाभ मिलिस।
सुनीता जायसवाल ह कहिस— “सरकार के ये पहल ह सही मायने म सुसासन के चिन्ह आय। मोला उमेद घलो नहीं रहिस कि मोर राशन कार्ड ह एतकी जल्दी बन जाही। अब मोला कचहरी अऊ दफ्तर के चक्कर काटे बर नहीं लगे।”
भुइँया म उतरत हे सुसासन
हितग्राही सुनीता ह कहिस कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अगुवाई म राज्य सरकार ह ‘अंत्योदय’ (सबले आखिरी मनखे तक लाभ पहुंचाना) के संकलप ला पूरा करत हे। प्रसासन के ये ‘मउका म ही समाधान’ वाला मॉडल ह जनता के बीच सासन के भरोसा ला अऊ मजबूत करत हे।
