रायपुर. छत्तीसगढ़ के जशपुर जिला ह स्वच्छता अउ नवाचार (नवा प्रयोग) के दिशा में एक अनूठा मिसाल पेश करे हे। जिला के दुलदुला जनपद पंचायत के तीर में बनाए गे “इको पार्क” आज न केवल स्थानीय बर घूमे-फिरे के केंद्र बने हे, बल्कि “वेस्ट टू बेस्ट” (कबाड़ से जुगाड़) के सोच ला जमीन में उतारइया एक नंबर के मॉडल घलो बन गे हे। बेकार अउ फालतू समझे जाए वाला चीज ले सजे ए सुंदर पार्क ह पर्यावरण ला बचाए बर एक नवा सोच जगाए हे।
कबाड़ ले तइयार होईस कलाकृति
ए पार्क के सबले बड़े खास बात एकर बनावट आय। यहाँ फेंके गे जुन्ना टायर, लोहा के कबाड़ अउ दूसर बेकार चीज के उपयोग करके बड़ सुग्घर कलाकृति बनाए गे हे। लोहा के फालतू पार्ट्स ले घोड़ा, मयूर अउ तितली जइसन जीवंत मूरती गढ़े गे हे। ओसही जुन्ना टायर ला रंग-बिरंगा झूला बना दे गे हे, जे ह लइका मन बर आकर्षण के मुख्य केंद्र आय।
सेहत अउ मनोरंजन के संगम
इको पार्क ला सिरिफ सजावट तक सीमित नई रखे गे हे, बल्कि एला एक संपूर्ण सामुदायिक केंद्र के रूप में विकसित करे गे हे। युवा मन अउ सेहत के प्रति जागरूक मनखे मन बर आधुनिक ओपन जिम के सुविधा दे गे हे। ओसही लइका मन बर झूला अउ अलग-अलग खेल-कूद के सामान के इंतजाम करे गे हे। ए जगह ह परिवार बर संझा के बखत बिताय अउ मनोरंजन बर सबले पसंदीदा जगह बनके उभरे हे।

प्रशासन ह नवाचार ला सराहीस, हरियाली बढ़ाय के दीन निर्देश
हाल ही में जिला प्रशासन ह पार्क के बारीकी ले निरीक्षण करिस। कबाड़ के ए कलात्मक उपयोग के तारीफ करत हुए उमन पूरा परिसर में पौधरोपण (रुख-राई लगाय) करके एला अउ जादा हरियर बनाये के फैसला लीन। पार्क में रोज के साफ-सफाई अउ सौंदर्यीकरण ऊपर विशेष ध्यान दिय जाही। आम जनता बर सुविधा ला अउ बढ़ाए जाही, ताकि ए पार्क ह समाज ला स्वच्छता, रिसाइकिलिंग अउ पर्यावरण के प्रति जागरूक होय के प्रेरणा देवत रहय।
स्थानीय मनखे मन अउ जानकार के मानना हे कि दुलदुला के ए इको पार्क ह राज्य के दूसर विकासखंड बर रद्दा देखाए के काम करही। ए ह साबित करथे कि कम खरचा अउ बढ़िया सोच के संग हमन पर्यावरण अउ जन-सुविधा के तालमेल कइसन ढंग ले बिठा सकथन।
