- बिहान, महतारी वंदन अउ उज्ज्वला योजना ह बदल दीस गोरखपुर के भगवती के तकदीर
- सब्जी उगा के अउ कड़ा मेहनत ले हर महीना के आमदनी पहुँचे 12 हजार के पार
रायपुर . एक साधारण ग्रामीण महिला ले आत्मनिर्भर बने तक के सफर ह संघर्ष, साहस अउ सफलता के बड़े मिसाल आय। पेंड्रा-गौरेला-मरवाही जिला के विकासखंड गौरेला, ग्राम पंचायत गोरखपुर के रहइय्या भगवती राठौर के कहानी ह महिला सशक्तिकरण के एक जीवंत दस्तावेज आय। जे महिला ह कभू रुपिया-पइसा के तंगी में जिंदगी गुजारत रिहिस, आज ओ ह आत्मविश्वास के साथ ‘लखपति दीदी’ बने के डाहर आगू बढ़त हे।
संघर्ष के दिन अउ ‘बिहान’ के सहारा एक समय रिहिस जब भगवती राठौर करा खेती बर बहुत कम जमीन अउ साधन रिहिस। ओ ह छोटे कुन जमीन में सब्जी उगा के कइसो करके अपन परिवार के पेट पालत रिहिस। साधन के कमी के सेती तरक्की के रद्दा रुके रिहिस। ओकर जिंदगी में बदलाव तब शुरू होइस, जब ओ ह छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के तहत “पायल महिला स्व-सहायता समूह” ले जुड़ीस। इहाँ ले ओला खाली पइसा के मदद नहीं मिलीस, बल्कि खुद के काम शुरू करे बर जरूरी ट्रेनिंग अउ रद्दा घलो मिलीस।
खेती के विस्तार अउ बढ़त आमदनी समूह ले मिले मदद अउ अपन मेहनत के दम पर भगवती ह बाड़ी विकास अउ उन्नत खेती ल अपनाइस। आज ओ ह अपन 1.28 एकड़ जमीन में वैज्ञानिक तरीका ले अलग-अलग किसम के सब्जी अउ भाजी उगावत हे। एकर साथे-साथ ओ ह गेहूँ अउ चना के घलो खेती शुरू कर दीस हे। ओकर लगन के ही फल आय कि अब ओकर हर महीना के आमदनी 10 ले 12 हजार रुपिया तक पहुँच गे हे, जेकर से परिवार के आर्थिक स्थिति मजबूत हो गे हे।
सरकारी योजना मन के मिलिस लाभ भगवती के जिंदगी सँवारे में साय सरकार के दूसर योजना के घलो बड़े हाथ हे। महतारी वंदन योजना ले हर महीना मिले वाला पइसा ह ओकर घर के छोटे-मोटे जरूरत अउ बचत बर बड़े सहारा बनिस। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ले रसोई में गैस कनेक्शन मिलिस, जेकर से ओला धुँआ अउ लकड़ी के झंझट ले मुक्ति मिल गे। एखर से ओकर सेहत घलो बढ़िया होइस अउ समय के घलो बचत होइस। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अगुवाई में चलत ए योजना मन ह गांव के महिला मन के जिंदगी में खुसी के नवा रंग भरत हें।
प्रेरणा के स्रोत बनिस भगवती आज भगवती राठौर न केवल अपन गोड़ में खड़ा हे, बल्कि ओ ह अपन गांव के दूसर महिला मन बर घलो एक मिसाल बन चुके हे। ओ ह समूह के दूसर दीदी मन ल घलो सरकार के योजना के फायदा उठा के आत्मनिर्भर बने बर उत्साहित करथे। भगवती के ए सफलता ह साबित करथे कि जब सरकारी योजना ह सही नीयत के साथ आखिरी मनखे तक पहुँचथे, त ओ ह खाली सुविधा नहीं बल्कि सम्मान अउ आत्मनिर्भरता के माध्यम बन जाथे।
