रायपुर. वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश म किरंदुल के प्राकृतिक सुंदरता ल बचाय अउ ओला अउ बने बनाय बर एक बड़े कदम उठाय गे हे। वन विकास निगम अउ एनएमडीसी (NMDC) के मिले-जुले कोसिस ले इहां एक आधुनिक ‘इको पार्क’ बनाय जावत हे। ए बड़े योजना बर प्रसासन कोति ले सही जगह (जमीन) के चुनाव घलो कर लिय गे हे।
ए इको पार्क के सबले खास बात एखर ‘थीम’ होही। पार्क म ‘भारतीय जैव विविधता’ ल प्रमुख रूप ले देखाय जाही। इहां देस के अलग-अलग कोना म पाय जाय वाला पेड़-पौधा अउ प्राकृतिक संपदा के जानकारी लोगन मन ल मिलही। एखर ले पर्यावरण ल बचाय बर आम लोगन म जागरूकता बढ़ही।
पर्यावरण संरक्षण अउ जागरूकता ल बढ़ाना
पर्यावरण ल बचाय अउ लोगन ल जागरूक करे बर इको पार्क ह एक बहुत बढ़िया तरीका आय। ये पार्क ल प्राकृतिक जगा ल सुरक्षित रखे अउ टिकाऊ तरीका ल बढ़ावा दे बर बनाय जाथे। हमन अइसन दुनिया म रहिथन जिहां जैव विविधता, पर्यावरणीय न्याय, जलवायु बदलाव अउ प्रकृति के बचाव ह समाज अउ पर्यावरण दूनों बर बहुत जरूरी हे। जब सहर के पर्यावरण पार्क ल पारिस्थितिक रूप ले डिजाइन करे जाथे, त ओ मन पढ़ाई-लिखाई अउ संस्कृति के एक अइसन उपजाऊ हिस्सा बन जाथें जिहां ले आने वाला पीढ़ी ल घलो सीख मिलथे।
रोजगार के मौका अउ प्रकृति बचाव ल बढ़ावा
ये योजना ह विकास अउ पर्यावरण के बीच तालमेल के एक बढ़िया उदाहरण बनही। एखर दो ठन मुख्य उद्देश्य हे— पहिली, स्थानीय लोगन ल रोजगार के मौका देना अउ दूसरा, प्रकृति के बचाव ल बढ़ावा देना। पार्क के बने ले अउ ओला चलाय ले इलाका के जवान अउ गांव वाले मन ल काम-धंधा मिलही।
पढ़ाई-लिखाई के केंद्र घलो बनही इको पार्क
इको पार्क ल प्रकृति के बारे म जानकारी देय बर शिक्षा के केंद्र घलो बनाय जाही। ये ह स्कूल के लइका मन अउ रिसर्च करइया बर एक ‘लिविंग लैबोरेटरी’ (जीता-जागता प्रयोगशाला) के जइसन काम करही, जिहां ओ मन प्रकृति अउ जैव विविधता के बारे म असली जानकारी पा सकहीं।
वन विकास निगम के जानकार के देख-रेख अउ एनएमडीसी के सहयोग ले बनने वाला ये इको पार्क ह न केवल किरंदुल के सुघ्घरई ल बढ़ाही, बल्कि विकास अउ पर्यावरण एक संग कइसन रह सकथें, एखर एक प्रेरणादायक उदाहरण घलो बनही।
