मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद के बैठक सम्पन्न
रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अध्यक्षता में आज मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद’ के बैठक में जनजातीय समाज के चहुंमुखी विकास ला लेके बड़े चर्चा करे गिस अउ कतकोन जरूरी निर्णय लिए गिस।
मुख्यमंत्री श्री साय ह कहिन कि बस्तर, जेहा भूगोल के हिसाब ले केरल ले घलो बड़े क्षेत्र आय, कतको दशक तक विकास ले दूर रहीस, फेर अब उहां योजना के तेजी ले विस्तार होत हे अउ विकास के नवा धारा बहना शुरू हो गे हे।
मुख्यमंत्री ह जनजातीय संस्कृति अउ परंपरा ला बचाए ला सबसे पहिली प्राथमिकता देवत हुए देवगुड़ी अउ सरना स्थल के सुरक्षा पक्का करे के निर्देश दीन। एकर साथ ही, अवैध कब्जा (अतिक्रमण) ला रोके बर कड़ा कदम उठाए ऊपर जोर दीन। उमन बताइन कि “धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना” के माध्यम ले प्रदेश के 6600 गांव में शिक्षा अउ स्वास्थ्य के सुविधा ला मजबूत करे जात हे, उहें पीएम जनमन योजना के तहत 32 हजार घर (आवास) स्वीकृत करे जा चुके हें।
बैठक में “नियद नेल्ला नार योजना” के बड़े सफलता ऊपर चर्चा करत हुए मुख्यमंत्री श्री साय ह एकर अगला कड़ी के रूप में “नियद नेल्ला नार 2.0” ला जल्दी लागू करे के घोषणा करिन। उमन कहिन कि ए नवा पहल ले दूर-दराज के इलाका में बिजली, पानी, सड़क अउ राशन जइसन बुनियादी सुविधा के अउ जादा विस्तार करे जाही। एकर साथ ही “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना” के तहत 36 लाख मनखे मन के स्वास्थ्य जांच के काम लगातार चलत हे।
मुख्यमंत्री श्री साय ह जनजातीय जमीन ला लंबा बखत बर लीज (पट्टा) में लेके ओकर दोहन करे के मामला के जांच करे के निर्देश दीन। साथ ही कोरवा अउ संसारी उरांव जाति ला अनुसूचित जनजाति (ST) के सूची में जोड़े बर प्रस्ताव ला जल्दी केंद्र सरकार करा भेजे के निर्देश घलो दीन।
शिक्षा अउ बुनियादी ढांचा ला मजबूत करे बर मुख्यमंत्री श्री साय ह छात्रावास (Hostel) में सीट बढ़ाए, ओकर नीक रख-रखाव अउ शिक्षक के कमी ला दूर करे ऊपर जोर दीन। उमन नक्सल मुक्त इलाका में लइका मन बर जल्दी पढ़ाई के व्यवस्था करे अउ बाहिर (खुला में) क्लास नई लगाए के साफ निर्देश दीन।
अम्बिकापुर नेशनल हाईवे के निर्माण में होवईया ढीलई ऊपर नाराजगी जतावत हुए मुख्यमंत्री श्री साय ह काम ला तय बखत में अउ बढ़िया गुणवत्ता के साथ पूरा करे के निर्देश दीन। साथ ही, अषाढ़ (बरसात) के दिन में जेहन रद्दा कट जाथे, उहां विशेष धियान देवे के बात कहिन।
आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री अउ परिषद के उपाध्यक्ष रामविचार नेताम ह कहिन कि बस्तर, सरगुजा समेत प्रदेश के दूर-दराज जनजातीय इलाका में कतकोन बखत ले नक्सलवाद ह विकास के सबसे बड़े बाधा बने रहीस। बीते चार दशक के ए चुनौती ले मुक्ति मिले के बाद अब ए क्षेत्र में जन-कल्याणकारी योजना के परभावी अउ तेज क्रियान्वयन संभव हो पाए हे, जेकर सीधा फायदा उहां के स्थानीय मनखे मन ला मिलत हे। उमन कहिन कि अब जनजातीय समाज ह तेजी ले विकास के मुख्यधारा ले जुड़त हे अउ ओमन ला आगू बढ़े के नवा मौका मिलत हे।
श्री नेताम ह ए घलो बताइन कि नक्सलवाद के खात्मा के बाद योजना के जमीनी स्तर में बढ़िया ढंग ले काम होना पक्का होईस हे। सब्बो विभाग ला एक-दूसर के तालमेल (समन्वय) के साथ काम करत हुए मंजूर होई गे योजना ला बखत में पूरा करे के निर्देश दिए गे हे। उमन जनप्रतिनिधि अउ अधिकारी ला संवेदनशील मुद्दा मन के तुरत अउ प्राथमिकता के आधार में निराकरण करे ऊपर विशेष जोर दीन।
उमन कहिन कि विशेष पिछड़ी जनजाति के बस्ती (बसाहट) तक अब बिजली, पानी अउ सड़क जइसन बुनियादी सुविधा पहुंचत हें। साथ ही नवा छात्रावास के बने ले दूर-दराज इलाका के होनहार लइका मन ला आगू बढ़े के बढ़िया मौका मिलत हे, जेकर ले ओकर चहुंमुखी विकास के रद्दा खुलत हे।
