रायपुर। सामाजिक सद्भाव, समानता अउ जात-पात के भेदभाव ला खतम करे के दिसा म सरकार दुआरे चलाय गे अंतर्जातीय बिहाव प्रोत्साहन योजना आज असली सामाजिक बदलाव के माध्यम बनत हे। येच कड़ी म कोरबा जिला के जवान दंपती अभिषेक आदिले अउ बबीता देवांगन के कहानी समाज म नवा उम्मीद अउ सकारात्मक बदलाव के संदेश देथे।
कोरबा के आदिले चौक, पुरानी बस्ती के रहइया अभिषेक आदिले हवंय, जेकर पहिचान अनुसूचित जाति संगे होथे, अउ जांजगीर-चांपा जिला के गॉंव चोरिया, तहसील सारागांव के 20 साल के बबीता देवांगन, जेकर पहिचान अन्य पिछड़ा वर्ग संगे हे, समाजिक अड़चन ला दूर करत अंतर्जातीय बिहाव करे हवंय। दूनों परिवार मन ए रिश्ता ला मान दे हवंय अउ समाज म एक आदर्श उदाहरण पेश करे हवंय।
अंतरजातीय बिहाव करे वाले दम्पती मन ला प्रोत्साहित करे बर केंद्र अउ राज्य सरकार द्वारा चलाय जाथे योजना के अंतर्गत ए दम्पती ला कुल 2.50 लाख रुपिया के प्रोत्साहन रासी मंजूर करे गे हवय। सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग, कोरबा द्वारा ए रासी मं ले 1.00 लाख रुपिया दम्पती के संयुक्त बैंक खाते मं दे दे गे हवय, जबकि बाकी के 1.50 लाख रुपिया ओकर उज्ज्वल अउ सुरक्षित भविस्य ला ध्यान मं राखत तीन साल के सावधि जमा के रूप मं निवेश करे गे हवय। ए आर्थिक मदद ओकर नए जिनगी के सुरुवात ला आसान बनाय के संग संग ओला आत्मनिर्भर अउ सशक्त बने मं महत्वपूरण भूमिका निभावत हवय।
केंद्र सरकार अउ छत्तीसगढ़ राज्य सरकार दुनो ही सामाजिक समरसता ला मजबूत करे, जातीय भेदभाव ला खतम करे अउ जवान मन ला रूढ़िवादी सोच ले मुक्त करके समानता के रास्ता मं आगू बढ़ाय बर लगातार प्रयासरत हवंय। शासन द्वारा चलाय जाथे ए योजना समाज ला अधिक संवेदनशील, एकजुट अउ प्रगतिशील बनाय मं महत्वपूर्ण योगदान देथे। ए केवल आर्थिक मदद नइए, बल्कि सामाजिक एकता के संदेश घलो आय, जेन ले प्रेम, सम्मान अउ समानता के भावना ल बल मिलथे
अभिषेक अउ बबीता के ये पहल सिरिफ एक बियाह के संस्कार नो हे, बल्कि सामाजिक बदलाव के बुनियाद घलो ए। उन मन ये सिद्ध कर दिस हे कि जदि भरोसा अउ हिम्मत हे त जात-पात के दीवार मन खुदे गिरे जाथें अउ मानवीय मूल्यच समाज के असली पहचान बन जाथें। सरकार के योजना ले मिले सहायता उनकर नई यात्रा ला सुरक्षित अउ ठोस बनाइस हे, जबकि उनकर आपसी समझदारी अउ मजबूती ये कहानी ला अउ जियादा प्रेरक बनाथे।
चार साल पहिली बियाह के बंधन म बंधे अभिषेक–बबीता के सफलता ले साफ दिखत हे कि सरकारी योजना मन तबे सार्थक रहिथें जब समाज के लोग मन ला अपनाके सकारात्मक दिशा म आगू बढ़थें।
