Arai Tutari अरई तुतारीArai Tutari अरई तुतारी
Notification Show More
Latest News
भटगांव के जेवरा दाई: छःमासी रात के रहस्य, सारंगढ़ ले लड़ाई अउ एक दिन के मेला
पुरखौती / पर्यटन
पाना म परान: सुई अउ कटर ले पाना म मूरत उकेरत हवय धमतरी के विकास
जस बगरईया
छत्तीसगढ़ी सिनेमा के पहिली पन्ना- ‘कहि देबे संदेस’
जस बगरईया
महतारी गौरव बछर: छत्तीसगढ़ म महिला सशक्तिकरण के नवा ‘अंजोर’
हमर ख़बर
जहाँ गिरे रिहिस माता सती के जेवनी कंधा: आदिशक्ति माँ महामाया के नगरी रतनपुर
पुरखौती / पर्यटन
Aa
  • समाचार
  • हमर ख़बर
    हमर ख़बरShow More
    महतारी गौरव बछर: छत्तीसगढ़ म महिला सशक्तिकरण के नवा ‘अंजोर’
    March 24, 2026
    धान के कटोरा म अफीम के बगरत हे महक
    March 24, 2026
    स्वामी विवेकानंद के विचार ले ही होहि सशक्त भारत के निर्माण : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
    January 12, 2026
    पर्यटन अउ संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ह करिन राजिम कुंभ के तैयारी मन के विस्तृत समीक्षा
    January 12, 2026
    रायपुर म APEDA क्षेत्रीय कार्यालय ले खुलहि छत्तीसगढ़ के कृषि निर्यात के नवा वैश्विक द्वार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
    January 12, 2026
  • लेख – आलेख
  • पुरखौती / पर्यटन
    पुरखौती / पर्यटनShow More
    भटगांव के जेवरा दाई: छःमासी रात के रहस्य, सारंगढ़ ले लड़ाई अउ एक दिन के मेला
    April 5, 2026
    जहाँ गिरे रिहिस माता सती के जेवनी कंधा: आदिशक्ति माँ महामाया के नगरी रतनपुर
    March 24, 2026
    ‘प्रयागराज  ‘राजिम कुम्भ कल्प’ के मेला 
    February 8, 2026
    धर्म अऊ अध्यात्म के ठऊर राजिम मेला
    February 8, 2026
    The strange Ghaghra Temple
    एमसीबी जिला के बिचित्र घाघरा मंदिर
    May 7, 2025
  • पुरखा के सुरता
    पुरखा के सुरताShow More
    suruj bai khande
    सुरुज बाई खांडे: लोकगाथा भरथरी ल सपुरा देश विदेश म बगरइया हमर पुरखा दाई
    May 7, 2025
    पालेश्वर शर्मा
    पालेश्वर शर्मा जी : 1 मई जनम दिन बिसेस सुरता
    May 7, 2025
    पुरखा के सुरताः श्यामलाल चतुर्वेदी
    श्यामलाल चतुर्वेदी : मंदरस घोरे कस झरय जेकर बानी ले छत्तीसगढ़ी
    April 23, 2023
    परमानंद भजन मंडली के त्रिमूर्ति गुरु म शामिल रहिन विकल जी
    April 22, 2023
    शब्दभेदी बाण चलइया कोदूराम जी वर्मा….
    April 22, 2023
  • कविता
    कविताShow More
    arai tutari kavya
    पावन माघ महिना हे
    February 8, 2026
    आभार सवैया
    July 21, 2024
    arai tutari kavya
    इही म बसे छत्तीसगढ़ महतारी हे
    April 21, 2023
    arai tutari kavya
    घर के छानी ले सुरुज झांके
    April 21, 2023
    arai tutari kavya
    माटी हमर धरोहर
    April 21, 2023
  • कहानी
  • पत्रिका
Reading: हमर मुखिया के परयास ले बगरत हे छत्तीसगढ़ियापन के अलख
Share
Aa
Arai Tutari अरई तुतारीArai Tutari अरई तुतारी
  • समाचार
  • हमर ख़बर
  • लेख – आलेख
  • पुरखौती / पर्यटन
  • पुरखा के सुरता
  • कविता
  • कहानी
  • पत्रिका
  • समाचार
  • हमर ख़बर
  • लेख – आलेख
  • पुरखौती / पर्यटन
  • पुरखा के सुरता
  • कविता
  • कहानी
  • पत्रिका
Have an existing account? Sign In
  • Complaint
  • Advertise
© 2022 Araitutari Media All Rights Reserved.
Arai Tutari अरई तुतारी > Blog > हमर ख़बर > हमर मुखिया के परयास ले बगरत हे छत्तीसगढ़ियापन के अलख
हमर ख़बर

हमर मुखिया के परयास ले बगरत हे छत्तीसगढ़ियापन के अलख

Araitutari Editor By Araitutari Editor Published April 21, 2023
Share
bhupesh baghel 111
bhupesh baghel
SHARE

नंदावत संस्कृति अऊ खेल के बहुरत हे दिन-बादर
कोनों बासी खावत हे त कोनों गेड़ी म चढ़के करत हे अपन पुरखौती के गरब

अभिषेक दुबे, वरिष्ठ पत्रकार

छत्तीसगढ़ म छत्तीसगढ़ियापन के जेन अलख जागे हावय, तेन ह अपन आप म सुघ्घर लागे लगे हे। जेमा कोनो दू ठन गोठ नइये कि ये अलख ल जगाय बर छत्तीसगढ़ के मुखिया भूपेश बघेल ह बड़ प्रयास  करिस हे। तेखर सेति अब छत्तीसगढ़ ल अपन गौरव अउ परंपरा के भान होय लगे हे, त छत्तीसगढ़िया मन के मान घलोक बाढ़े लगे हे। एखर ले पहिली कोनो नइ सोचे रहिन के छत्तीसगढ़ के गांव मन म जेन खेल ल खेले जाथे, तेन ल राज्य स्तरीय प्रतियोगिता बनाय जाही, गांव ले लेके शहर तक के खिलाड़ी मन जुरही अउ मातहीं। आदिवासी महोत्सव मनाय जाही, छत्तीसगढ़ के आदिवासी मन ल देश अउ विदेश के आदिवासी जमात संग बइठे अउ गोठियाय के मउका मिलही, त इहां के लोगन ल देश अउ विदेश जाय के मउका मिल पाही। फेर ये जम्मो बात ह अब संभव होय लगे हे।

छत्तीसगढ़ माटी के किसनहा बेटा ल अपन राज के मनखे अउ ओखर परंपरा अउ संस्कृति के कतका फिकर हावय, ओखर मान के कतका चिंता हे, तेन ह ये बात ले पता चलथे कि सालभर के अलगे कलेण्डर छत्तीसगढ़ के तीज अउ तिहार बर बन जथे। अइसन खास दिन बर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ह अपन सरकारी निवास ल छत्तीसगढ़िया मनखे मन बर खोलवा देथे, त ओखर खाय-पिये, आय-जाय जम्मो बात के घलोक चिंता करथे। अतकेच नइ, बल्कि वो बेरा म खुदे प्रदेश के मुखिया ह जम्मो मनखे मन के बीच म बइठे जथे अउ गोठ बात घलोक करथे।

छत्तीसगढ़ राज गठन के बाद ले ये बात के जरुरत महसूस होय लागे रिहिस कि जइसन दूसर राज म अपन बानी अउ अपन गोठ ल महत्व दे जाथे, तइसन छत्तीसगढ़ म घलोक होना चाही, फेर ओखर बर अइसन सोच रखइया सरकार के जरुरत रिहिस, जेन छत्तीसगढ़ ल साल 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद मिलिस। सरकार बने के बाद मुखिया कइसन होही, तेन ह बड़खा बात रिहिस, फेर भूपेश बघेल ल मुखिया बनाय गिस, त राज के मनखे मन बर ये ह सबले बढ़िया बात होईस।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ह किसनहा परिवार ले हरय। राज्य अउ देश के राजनीति ल मुख्यमंत्री भूपेश ह बने जानथे अउ समझथे। राजनीति म लंबा अनुभव घलोक रखथे, फेर अपन अनुभव के लाभ छत्तीसगढ़ ल देवाय के मउका उन ला साल 2018 के बादे मिलिस, त ये मउका ल ओमन अइसने नइ जावन देना चाहे। तेखरे सेति किसान मन के चिंता करेके संगे संग मुख्यमंत्री बघेल ह छत्तीसगढ़ के तीज-तिहार, खेल, परंपरा अउ संस्कृति जम्मो ल व्यवहार म लाय बर सोचिस। उही सोच के परिणाम हरय के अब छत्तीसगढ़ म तीज-तिहार ह ढंग से मनाय जात हे। जेन चीज ह घर अउ परिवार तक म समटागे रिहिस हे, तेन एक घव अउ राजभर म एके रंग म मनाय बर शुरु होगे हावय।

बात करन गिल्ली डंडा, फुगड़ी, डंडा-पिचरंगा, रेस-टीप, बांटी, भंवरा जइसन खेल के त, ये जम्मो खेल ह नंदा गे रिहिस, जेन ल छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक म शामिल कर अइसन खेल मन ल नवा जीवन देगे हावय। बड़खा गोठ ये हरय कि राजभर म ये खेल ल सरकारी आयोजन के माध्यम ले कराय जात थे, जेमा गांव ले लेके शहर के खिलाड़ी मन हिस्सा लेवत हे, त अपन प्रतिभा के परिचय घलोक देवत हे। छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक बर पूरा तीन महीना के समय ले गे हावय। लइका ले सियान तक त अइसन खेल म खेले के मउका मिलत हे। माइलोगिन मन घलोक ऐमा हिस्सा लेवत हे अउ अपन बचपन ल याद करत हें। ये जम्मो बात ह आज हो पावत हे, त ओखर पाछू सिरिफ अउ सिरिफ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सोच हरय।

छत्तीसगढ़ ह अइसन शांत प्रदेश हरय, जिहां आय के बाद कोनों दूसर प्रदेश के मनखे मन जायके नाव नइ लेवय। तेखरे सेति देश के जम्मो राज्य के लोगन मन ह इहां अइन, त इहें बसगे। अपन तीज-तिहार ल ओमन बड़का रंग ढंग ले मनाय लगिन। छत्तीसगढ़िया मन ल ये बात जियानय, फेर मन ल मसोस के ओखरे मन के रंग म ढले बर मजबूर होय लगिन। फेर अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राज पाठ ल संभाले के बाद ले दूसर राज के मनखे मन देखत हावय कि छत्तीसगढ़िया मन के तीज-तिहार अउ संस्कृति के रंग कइसन सुघ्घर हावय। त अब उहू मन ह छत्तीसगढ़िया तीज-तिहार म संगराय लगे हावय। तेखरे सेति छत्तीसगढ़ बछर भर तिहार असन लगे लागे हावय, त खुशी के माहौल घलो बने रहिथे।

You Might Also Like

छत्तीसगढ़ी सिनेमा के पहिली पन्ना- ‘कहि देबे संदेस’

महतारी गौरव बछर: छत्तीसगढ़ म महिला सशक्तिकरण के नवा ‘अंजोर’

जहाँ गिरे रिहिस माता सती के जेवनी कंधा: आदिशक्ति माँ महामाया के नगरी रतनपुर

धान के कटोरा म अफीम के बगरत हे महक

जिंदगी नवा अंजोर कोति: बंदूक के गूंज वाला लाल गलियारा अब खामोश

TAGGED: Bhupesh Baghel, chhattisgarhi, Gadh Ge Nava Chhattisgarh
Araitutari Editor April 21, 2023
Share this Article
Facebook Twitter Email Print
Previous Article Chhattisgarhiya Olympic “खेलबो, जीतबो, गढ़बो नवा छत्तीसगढ़”
Next Article sushil bhole ke kalam le छत्तीसगढ़ी म धन्यवाद..? सुशील भोले के कलम ले..
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Arai Tutari अरई तुतारीArai Tutari अरई तुतारी

© Araitutari Media All Rights Reserved.

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?