रायपुर। खरीफ विपणन बछर 2025-26 म छत्तीसगढ़ सरकार के पारदर्शी अउ किसान-हितैषी धान खरीदी व्यवस्था किसान मन के जिनगी म सकारात्मक बदलाव लेवत हे। सरकार के नीतियन के प्रभावी अमल ले किसान मन ला सिरिफ उनकर उपज के सही दाम नइ मिलत हावय, बल्कि समय म भुगतान अउ सम्मानजनक प्रक्रिया के अनुभव घलो होवत हे। ग्राम पेनारी के रहइया किसान धन्नू सिंह के कहानी ए व्यवस्था के एक प्रेरक उपलब्धि ए।
धन्नू सिंह झन एक साधारण किसान हवंय, जेकर रोजी-रोटी पूरा के पूरा खेती म अंदित हे। ए बछर उन मन सरकार द्वारा बनाय गे प्रक्रिया के तहत ऑफलाइन टोकन के माध्यम ले कोड़ा उपार्जन केंद्र म 54.80 क्विंटल धान के सफलतापूर्वक बिक्री करे हवंय। उपार्जन केंद्र म सुव्यवस्थित व्यवस्था, डिजिटल तौल कांटा, पारदर्शी जांच प्रक्रिया अउ सहयोगी स्टाफ धान खरीदी ला आसान अउ सुगम बनाइस हे।
छत्तीसगढ़ सरकार ले परती एकड़ म 21 क्विंटल तक धान खरीदी अउ 3100 रुपिया प्रति क्विंटल समर्थन मोल के व्यवस्था ले किसान ला ओकर मेहनत के पूरा मोल मिले हे। धन्नू सिंह ला धान बेचई के रकम सीधे ओकर बैंक खाता म समय म मिलिस, जेन ले ओकर आर्थिक सुरक्षा अउ भविस के योजना बर आत्मविश्वास मिलिस। धन्नू सिंह कहिथें के पहिली धान बेचई म तोल अउ भुगतान बर अनिश्चितता रहिथे, फेर अभी के व्यवस्था पूरा पारदर्शी, भरोसेमंद अउ किसान-हितकारी हे। समय म भुगतान ले अब उंखर अपन लइका के पढ़ाई, घर के जरूरत अउ रबी फसल के तैयारी बिना कोनो चिंता के कर सकत हवंय।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व म लागू होय ये धान खरीदी व्यवस्था ले किसान मन के सरकार म भरोसा अउ मजबूत होगे हे। धन्नू सिंह के ये कहानी सिरिफ एक किसान के सफलता नई हे, बल्कि प्रदेश के हजारों किसान मन के सशक्तिकरण के प्रतीक हे, जेन मन सरकार के पारदर्शी नीतियन ले लाभ पावत सुरक्षित अउ सम्मानजनक भविस के दिसा म बढ़त हवंय।
