रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अगुवाई अउ राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के मारगदरसन में जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में चलत सुशासन तिहार के सुग्घर असर अब भुइँया में दिखे लागिस हे। भाटापारा में आयोजित जन समस्या निवारण सिबिर में एक अइसन मामला आगू आइस, जहाँ सरकारी तंत्र के फुर्ती ह एक हितग्राही के चिंता ला एक पल में मुसकान में बदल दीस।
समस्या के हो तुरते समाधान- मंत्री टंक राम वर्मा
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ह सुशासन तिहार के सुरु होय बखत साफ निर्देश दीन रहिन कि आम जनता ला तहसील अउ दफ्तर के चक्कर काटे बर झन लगय, बल्कि प्रसासन खुद जनता के तीर पहुँचय। अधिकारी समस्या के तुरते निपटारा करिन, एमा लापरवाही बरदास्त नई करे जाय। एही सोच के फायदा गाँव मुड़ीपार के रहइया देवकी साहू ला मिलिस।
सासन के मंशा के मुताबिक जनसमस्या के तुरते निपटारा बर आयोजित ‘सुशासन तिहार’ आज एक हितग्राही बर सुक्खद अचरज लेके आइस। भाटापारा में आयोजित जन समस्या निवारण सिबिर में जब देवकी साहू ह अपन महतारी के जमीन के फौती नामांतरण बर गोहार लगाय पहुँचीन, त ओला पता चलिस कि प्रसासन ह ओकर समस्या के समाधान पहिली ही कर चुके हे।
समस्या लेके पहुँचे रहिन सिबिर में
गाँव मुड़ीपार के रहइया देवकी साहू ह भाटापारा अउ हथनीपारा में स्थित अपन पुरखउती जमीन के नामांतरण बर सिबिर में आवेदन दीन रहिन। ओला ए जानकारी नई रहिस कि ओकर कोती ले दो महीना पहिली देय आवेदन ऊपर राजस्व विभाग ह पहिली ही कारवाही पूरा कर चुके हे।
प्रसासन के तत्परता आइस आगू
एसडीएम भाटापारा ह मामला के जाँच करिन त सुग्घर बात आगू आइस। मुड़ीपार अउ भाटापारा ए दोनों गाँव के फौती नामांतरण के रिकॉर्ड 21 अउ 23 अप्रैल 2026 ला ही दुरुस्त करे जा चुके रहिस। हथनीपारा गाँव के जमीन ऊपर सुप्रीम कोर्ट कोती ले रोक लगाय जाय के सेती तकनीकी रूप ले नामांतरण संभव नई रहिस, जेकर साफ जानकारी महिला ला दिय गिस।
ओही मेर होइस समाधान, खिल उठिस चेहरा
जब देवकी साहू ला ए पता चलिस कि ओकर काम पहिली ही हो चुके हे, त ओकर खुसी के ठिकाना नई रहिस। एसडीएम ह बिना बखत गँवाय उही मेर दोनों गाँव के बी-1 खसरा ला प्रदान करिन।
हितग्राही ला डिजिटल किसान किताब सौंपिन
देवकी साहू ह कहिन कि— “मोला अंदाजा नई रहिस कि सरकार एतका तेजी ले काम करत हे। मैं त आज आवेदन देय आय रहेंव, फेर मोला इहाँ बना-बनाया परमान पत्र मिल गे। मैं प्रसासन के ए काम करे के तरीका ले बहुत संतुष्ट अउ खुस हव।”
सुशासन के संदेस
ए घटना ह प्रसासन के संवेदनसीलता ला देखाथे कि सुशासन तिहार सिरिफ आवेदन जमा करे के जरिया नई आय, बल्कि पारदरसी काम अउ जवाबदेही के पहिचान बन चुके हे। जहाँ एक कोती रिकार्ड समय में नामांतरण के काम पूरा करे गिस, उही डाहर सिबिर के जरिया हितग्राही ला तुरते कागज सौंप के सुशासन ला सच में भुइँया में उतारे गिस।
