रायपुर। मूख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व मं राज्य सरकार किसान मन के आर्थीक समृद्धि ला देखत ऑयल पाम के खेती ला बढ़ावा देय बर एक बड़े फैसले करे हे। येकर तहत ऑयल पाम के खेती करे वाले किसान मन ला केन्द्र अउ राज्य सरकार के अनुदान के अलावा राज्य सरकार टॉपअप के रूप मं अतिरिक्त अनुदान देवत हे। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के प्रयास ले ऑयल पाम के खेती छत्तीसगढ़ मं जोर पकड़त जावत हे। सरकार के ये नीतिगत फैसले ले ऑयल पाम के खेती बर किसान मन आकर्षित होवत हवंय। उद्यानिकी विभाग के अधिकारी मन आज इहाँ बताइस के नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल – ऑयल पाम के तहत चार घटक मं राज्य शासन द्वारा अतिरिक्त अनुदान देय के निर्णय करे गे हे। उल्लेखनीय हे के ऑयल पाम के खेती ला बढ़ावा देय बर राज्य सरकार किसान मन ला खेती के रख-रखाव, अंतरवर्ती फसल, ड्रिप अउ फेंसिंग बर टॉपअप के रूप मं अतिरिक्त अनुदान देही। फेंसिंग के अतिरिक्त तीन घटक मं केन्द्र अउ राज्य शासन पहलू ले अनुदान देय जात रहिस हे।
योजना के तहत ड्रिप सिचाईं बर 31,399 रुपिया के इकाई लागत मा 14,130 रुपिया प्रति हेक्टेयर अनुदान पहिली ले दिये जावत रहिस, जेनके अलावा अब 8,635 रुपिया प्रति हेक्टेयर टॉप अप के रूप म अनुदान देय के प्रावधान करे गे हवय। येकर अलावा अब बाड़ा बनाय बर भी अनुदान देय के प्रावधान करे गे हवय। ये घटक के भीतर 1,08,970 रुपिया प्रति हेक्टेयर के इकाई लागत म 54,485 रुपिया प्रति हेक्टेयर टॉप अप के रूप म अनुदान दिये जाही।
ध्यान देय बाय के ऑयल पाम एखर लंबे समय से होय वाला फसल आय, जेमां एके बेर रोपाई के चौथा बछर ले पैदावार शुरू हो जाथे अउ 30 बछर तक लगातार आ आय मिलथे। पारंपरिक तिलहन फसल के तुलना म येकर तेल उत्पादन क्षमता चार ले छे गुना जियादा होथे। तभो ले ऑयल पाम के खेती ला बढ़ावा देय बर अउ खेती के लागत कम करे बर राज्य सरकार कई घटक मन के अनुदान म बढ़ोतरी करे हवय। ऑयल पाम के खेती म रोग के असर न्यूनतम रहिथे अउ ये कम मेहनत म जियादा फायदा देय फसल आय। एकर खेती के शुरू के 3-4 बछर के समय बाद रख-रखाव बहुते कम हो जाथे। ऑयल पाम के मांग बाजार म भी बहुते जियादा हवय। जइसने किसान मन ला दसकन तक टिकाऊ आर्थिक लाभ मिलना पक्का हे। ऑयल पाम म अनुदान अउ टॉप अप के फाइदा लेय बर किसान अपन जिला के लगे नजदीकी उद्यान विभाग म संपर्क कर सकत हवंय।
